वॉशिंगटन।
Trump Modi Russian Oil Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अच्छे संबंधों की बात कही है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाए गए ऊंचे टैरिफ को लेकर पीएम मोदी उनसे खुश नहीं हैं।
हाउस GOP मेंबर्स रिट्रीट के दौरान बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते मजबूत हैं, लेकिन व्यापार और टैरिफ का मुद्दा दोनों देशों के बीच तनाव का कारण बना हुआ है।
🇮🇳🇺🇸 “मोदी अच्छे इंसान हैं, लेकिन नाराज़ हैं” – ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा,
“मेरे प्रधानमंत्री मोदी के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं, लेकिन वह मुझसे खुश नहीं हैं। भारत रूस से तेल खरीद रहा है और इस वजह से उसे ऊंचे टैरिफ चुकाने पड़ रहे हैं। हालांकि, अब इसमें काफी हद तक कमी की गई है।”
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया है। अमेरिका का मानना है कि भारत द्वारा बड़ी मात्रा में रूसी तेल खरीदना, यूक्रेन युद्ध के बीच रूस की अर्थव्यवस्था को सहारा देता है।
⚠️ टैरिफ और बढ़ाने की चेतावनी
ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि यदि भारत ने रूसी तेल आयात को लेकर अमेरिकी चिंताओं का समाधान नहीं किया, तो वॉशिंगटन आगे भी भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा सकता है।
उन्होंने कहा,
“मोदी जानते थे कि मैं खुश नहीं हूं। वे मुझे खुश करना चाहते थे ताकि व्यापारिक रिश्ते स्थिर बने रहें।”
💰 टैरिफ से अमेरिका को फायदा: ट्रंप
अपने बयान में ट्रंप ने टैरिफ नीति का बचाव करते हुए कहा कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रियायती रूसी कच्चा तेल खरीदकर मास्को को मजबूत कर रहा है और इसी आधार पर अमेरिका ने सख्त शुल्क लगाए हैं।
🌍 रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ा दबाव
ट्रंप लगातार रूस-यूक्रेन युद्ध का हवाला देते हुए भारत पर दबाव बना रहे हैं।
वह खुद को इस संघर्ष में संभावित मध्यस्थ के रूप में भी पेश कर चुके हैं और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन व यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बातचीत का दावा कर चुके हैं, हालांकि अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
❌ भारत ने ट्रंप के दावे को किया खारिज
भारत सरकार पहले ही ट्रंप के उस दावे को खारिज कर चुकी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ने रूसी तेल खरीद बंद करने का आश्वासन दिया है।
नई दिल्ली ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई बातचीत या प्रतिबद्धता नहीं हुई।
Trump Modi Russian Oil Tariff विवाद यह दिखाता है कि
भारत-अमेरिका संबंध मजबूत होने के बावजूद भूराजनीति और ऊर्जा व्यापार जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि टैरिफ और रूसी तेल का मुद्दा दोनों देशों के रिश्तों को किस दिशा में ले जाता है।
