वेस्टर्न कोक प्रोडक्ट्स को सोलर ओपन एक्सेस के लिए डेडिकेटेड फीडर से छूट

CSERC: छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम निर्णय लेते हुए एम/एस वेस्टर्न कोक प्रोडक्ट्स को सोलर ओपन एक्सेस के लिए डेडिकेटेड फीडर की शर्त से छूट प्रदान की है। यह आदेश याचिका क्रमांक 92/2025 में पारित किया गया है।

क्या है पूरा मामला

कोरबा स्थित यह साझेदारी फर्म कार्बन डेरिवेटिव्स के निर्माण से जुड़ी है और इसकी औद्योगिक इकाई की कॉन्ट्रैक्ट डिमांड 1000 KVA है। वर्तमान में यह इकाई 33 केवी करतला फीडर से जुड़ी हुई है, जो रामपुर सबस्टेशन से संचालित होती है।

इसी के साथ कंपनी की 4.40 मेगावाट की सोलर फोटोवोल्टिक परियोजना रायगढ़ जिले में स्थित है, जिसे दिसंबर 2025 में कमीशन किया गया। इस सोलर प्लांट के जनरेशन एंड पर पहले से ही डेडिकेटेड फीडर उपलब्ध है।

क्यों मांगी गई छूट

कंपनी ने आयोग को बताया कि उपभोक्ता छोर पर डेडिकेटेड फीडर स्थापित करना व्यवहारिक नहीं है।
➡️ कारण यह था कि कैप्टिव उपयोग के लिए सोलर से ली जाने वाली बिजली की मात्रा सीमित है।
➡️ ऐसे में अलग फीडर की लागत और तकनीकी जटिलता उचित नहीं ठहरती।

नियमों में क्या प्रावधान है

CSERC (कनेक्टिविटी एवं इंट्रा-स्टेट ओपन एक्सेस) विनियम, 2011 की धारा 5(5) आयोग को यह अधिकार देती है कि वह विशेष परिस्थितियों में बल्क उपभोक्ताओं को डेडिकेटेड फीडर की शर्त से छूट दे सकता है।

कंपनी ने यह भी भरोसा दिलाया कि वह—

  • SLDC के लिए डेटा कम्युनिकेशन सुविधा विकसित करेगी
  • आवश्यक मीटरिंग और तकनीकी मानकों का पालन करेगी

डिस्कॉम और ट्रांसमिशन कंपनी का पक्ष

CSPDCL ने कहा कि सामान्यतः ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं के लिए डेडिकेटेड फीडर आवश्यक होता है, लेकिन यदि—

  • ABT मीटर
  • AMR सुविधा
  • रियल-टाइम डेटा यूनिट
    लगाई जाती है और उपभोक्ता फीडर फेलियर या मेंटेनेंस के दौरान किसी प्रकार का दावा नहीं करता, तो छूट पर विचार किया जा सकता है।

वहीं CSPTCL ने स्पष्ट किया कि चूंकि ट्रांसमिशन नेटवर्क शामिल नहीं है, इसलिए वह आयोग के निर्णय का पालन करेगा।

आयोग का अंतिम निर्णय

सभी पक्षों की सहमति और शर्तों के अनुपालन के आश्वासन के बाद CSERC ने याचिका स्वीकार कर ली
अब वेस्टर्न कोक प्रोडक्ट्स को कॉमन डिस्ट्रीब्यूशन फीडर के माध्यम से अपनी कैप्टिव सोलर बिजली उपयोग करने की अनुमति मिल गई है।

यह आदेश 30 दिसंबर 2025 को आयोग के—

  • श्री विवेक गणोदवाले (सदस्य-विधि)
  • श्री अजय कुमार सिंह (सदस्य-तकनीकी)
    द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।

क्यों है यह फैसला महत्वपूर्ण

➡️ यह निर्णय राज्य में कैप्टिव सोलर पावर को प्रोत्साहन देगा
➡️ औद्योगिक उपभोक्ताओं की लागत घटेगी
➡️ नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने की राह आसान होगी

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