रायपुर, 6 जनवरी 2026।
DSIR Foundation Day के अवसर पर विज्ञान एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) ने नवाचार और उद्योग पारितंत्र को मजबूती देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण समझौतों और एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इन्हीं में से छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी उपलब्धि धमतरी में स्किल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना से जुड़ा समझौता रहा।
यह केंद्र टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एंड यूटिलाइजेशन प्रोग्राम फॉर वुमेन (TDUPW) के अंतर्गत स्थापित किया जाएगा और इसका फोकस ग्रामीण व आदिवासी महिलाओं को तकनीक आधारित आजीविका से जोड़ना होगा।
महिलाओं के लिए तकनीक, कौशल और आत्मनिर्भरता
प्रस्तावित Dhamtari Skill Satellite Center का उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें उद्यमिता और स्थायी आय के अवसर उपलब्ध कराना है।
इस केंद्र में महिलाओं को:
- प्रौद्योगिकी आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण
- उद्यम स्थापित करने के लिए मार्गदर्शन
- बाजार से जोड़ने की सुविधा
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में फूड प्रोसेसिंग, वन-आधारित उत्पाद, वस्त्र एवं हस्तशिल्प, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण और डिजिटल सेवाएं शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विजन
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि
“प्रौद्योगिकी और कौशल विकास, छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के सबसे सशक्त आधार हैं।”
उन्होंने कहा कि यह कदम “विकसित भारत 2047” के विजन के अनुरूप है, जहां महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की अग्रणी शक्ति होंगी।
राज्य की योजनाओं से होगा सीधा जुड़ाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस स्किल सैटेलाइट सेंटर को:
- महिला स्व-सहायता समूह
- लक्षपति दीदी योजना
- वन धन विकास केंद्र
- राज्य आजीविका मिशन
जैसे प्लेटफॉर्मों से जोड़ा जाएगा।
इससे प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं को तुरंत ऋण, विपणन सहयोग और उद्यम शुरू करने के अवसर मिलेंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
धमतरी बनेगा महिला उद्यमिता का मॉडल जिला
धमतरी में स्किल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना से कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, स्टार्टअप संवर्द्धन और जमीनी नवाचार को नई दिशा मिलेगी।
डीएसआईआर के तकनीकी सहयोग और राज्य सरकार के मजबूत फील्ड नेटवर्क के साथ यह पहल धमतरी को प्रौद्योगिकी आधारित महिला उद्यमिता का अग्रणी मॉडल जिला बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
Dhamtari Skill Satellite Center केवल एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के सपनों को आकार देने की पहल है। यह केंद्र छत्तीसगढ़ में आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला नेतृत्व वाले विकास की मजबूत नींव रखेगा।
