Durg Blood Donation Camp: छत्तीसगढ़ के दुर्ग में सिख समाज ने सेवा, त्याग और बलिदान की मिसाल पेश की। चार साहिबज़ादों की शहादत को समर्पित एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 86 रक्तदानियों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा की और साहिबज़ादों को नमन किया।
यह रक्तदान शिविर श्री गुरु सिंह सभा दुर्ग, हम चाकर गोबिंद के, स्त्री सत्संग सभा और नवदृष्टि फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
“शहादत धर्म रक्षा की अमर मिसाल”
श्री गुरु सिंह सभा दुर्ग के प्रधान मोहिंदर पाल सिंह भाटिया ने कहा कि
“धर्म और सत्य की रक्षा के लिए श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चार साहिबज़ादों की शहादत आज भी समाज के लिए प्रेरणा है। इसी भावना को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह रक्तदान शिविर आयोजित किया गया।”
उनका कहना था कि रक्तदान जैसे कार्य के माध्यम से शहादत के संदेश को जीवंत रखा जा सकता है।
रक्तदानियों का सम्मान, उत्साहवर्धन
रक्तदान शिविर में ब्लड बैंक नोडल अधिकारी डॉ. जे. पी. मेश्राम और रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. शरद पाटणकर विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने रक्तदानियों को सम्मानित किया, उनका उत्साह बढ़ाया और सिख समाज की इस पहल की सराहना की।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
स्त्री सत्संग सभा की प्रधान सतनाम कौर ने बताया कि शिविर में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी ने यह साबित किया कि सेवा और समर्पण में वे किसी से पीछे नहीं हैं।
समाज के हर वर्ग ने दिया एकता का संदेश
सिख समाज की ओर से अमरजीत सिंह (मक्खन सिंह), इंदरपाल सिंह भाटिया, रणवीर सिंह भाटिया, कुलवंत सिंह भाटिया, हरमन मीत सिंह दुलई, दलप्रीत सिंह किरपा सिंह सहित अनेक सदस्यों ने शिविर में सेवाएं दीं।
वहीं नवदृष्टि फाउंडेशन के राज आढ़तिया, रितेश जैन, राजेश पारख, जितेंद्र हासवानी, प्रभु दयाल उजाला, मुकेश राठी सहित सभी सदस्य पूरे समय उपस्थित रहे और रक्तदान प्रक्रिया में सहयोग किया।
नवदृष्टि फाउंडेशन के सदस्य हरमन मीत सिंह दुलई ने कहा कि
“इस शिविर में सभी समाज के लोगों ने रक्तदान कर सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का मजबूत संदेश दिया।”
आभार और समापन
श्री गुरु सिंह सभा दुर्ग, हम चाकर गोबिंद के, स्त्री सत्संग सभा और नवदृष्टि फाउंडेशन ने शिविर को सफल बनाने वाले सभी रक्तदानियों, ब्लड बैंक कर्मियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
