राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी पर भारत की चिंता, MEA ने जारी किया बयान

नई दिल्ली:
Venezuela Crisis: वेनेजुएला में तेजी से बदलते हालात पर भारत ने गहरी चिंता जताई है। अमेरिका की विशेष सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी के एक दिन बाद भारत ने स्थिति पर कड़ी नजर रखने की बात कही है।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि भारत वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है।


🇮🇳 भारत की अपील: शांति और संवाद से समाधान

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा,

“भारत सभी संबंधित पक्षों से अपील करता है कि वे संवाद के माध्यम से मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकालें, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।”

MEA ने यह भी बताया कि काराकास स्थित भारतीय दूतावास वेनेजुएला में रह रहे भारतीय समुदाय के संपर्क में है और हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है।


🇺🇸 अमेरिकी कार्रवाई से बदले हालात

कई महीनों की धमकियों और दबाव के बाद अमेरिका ने शनिवार को वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई की।
रात के समय हुए विशेष ऑपरेशन में राष्ट्रपति मादुरो को राजधानी काराकास से गिरफ्तार कर लिया गया।

इस कार्रवाई के साथ ही 12 वर्षों के मादुरो शासन का अंत हो गया। मादुरो पर अमेरिका ने पहले ही 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था।


🗽 न्यूयॉर्क में मुकदमे की तैयारी

गिरफ्तारी के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को पहले कैरेबियाई सागर में मौजूद एक अमेरिकी नौसैनिक जहाज पर ले जाया गया।
इसके बाद दोनों को न्यूयॉर्क लाया गया, जहां उन पर ड्रग्स और हथियार तस्करी से जुड़े आरोपों में मुकदमा चलेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने इस पूरे ऑपरेशन को अपने फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो निवास से लाइव देखा।


🗳️ विपक्ष का दावा: “आजादी का वक्त”

वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना माचाडो ने सोशल मीडिया पर इसे देश की “आजादी की घड़ी” बताया।

उन्होंने 2024 के चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार से तुरंत सत्ता संभालने की मांग की।
हालांकि, ट्रंप ने माचाडो के नेतृत्व की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें देश में पर्याप्त समर्थन हासिल नहीं है।

Venezuela Crisis अब सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रह गया है।
भारत की प्रतिक्रिया साफ संकेत देती है कि नई दिल्ली इस घटनाक्रम को क्षेत्रीय शांति और वैश्विक स्थिरता के नजरिए से देख रही है।

आने वाले दिनों में वेनेजुएला की सत्ता और राजनीति किस दिशा में जाएगी, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

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