नई दिल्ली।
why smart people fall for scams? आज के डिजिटल दौर में ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बैंक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सरकार लगातार चेतावनी देती रहती हैं। इसके बावजूद, जब किसी पढ़े-लिखे या समझदार व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी होती है, तो अक्सर सवाल उठता है — “इन्हें तो समझना चाहिए था।”
लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा गहरी और असहज है।
ठगी मूर्खता नहीं, मनोविज्ञान का खेल है
विशेषज्ञों के अनुसार, why smart people fall for scams का जवाब जानकारी की कमी में नहीं, बल्कि मानव मन की कार्यप्रणाली में छिपा है।
ठगी इसलिए सफल होती है क्योंकि यह तर्क से नहीं, भावनाओं से खेलती है।
भावनाएं कैसे दिमाग पर हावी हो जाती हैं
मनोवैज्ञानिक डॉ. राधिका गोयल के मुताबिक, स्कैम ऐसे हालात बनाते हैं जो व्यक्ति को डर, लालच या तात्कालिक दबाव में डाल देते हैं।
जैसे ही दिमाग को खतरे या जल्दबाजी का संकेत मिलता है, वह “सर्वाइवल मोड” में चला जाता है। इस स्थिति में तेज़ी से प्रतिक्रिया करने वाला भावनात्मक दिमाग, सोच-समझकर निर्णय लेने वाले तार्किक दिमाग पर हावी हो जाता है।
सतर्क लोग भी क्यों चूक जाते हैं
मनोविज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मेधा बताती हैं कि स्कैम सामान्य मानसिक प्रक्रियाओं का फायदा उठाते हैं।
✔ भरोसे का दुरुपयोग
✔ डर का माहौल
✔ तुरंत निर्णय लेने का दबाव
इसी वजह से तकनीकी रूप से दक्ष और जागरूक लोग भी कभी-कभी ऐसे लिंक पर क्लिक कर देते हैं, या पैसे ट्रांसफर कर देते हैं, जो सामान्य स्थिति में वे कभी नहीं करते।
जानकारी होते हुए भी ठगी क्यों हो जाती है
असल समस्या यह नहीं है कि लोग जानते नहीं, बल्कि यह है कि भावनात्मक क्षणों में ज्ञान काम नहीं करता।
यही कारण है कि आज के समय में ठगी किसी की बुद्धिमत्ता पर सवाल नहीं, बल्कि मानव स्वभाव की सच्चाई को उजागर करती है।
क्या सीख मिलती है
विशेषज्ञों का कहना है कि ठगी से बचाव के लिए केवल जानकारी नहीं, बल्कि भावनात्मक नियंत्रण और ठहराव जरूरी है।
अगर कोई संदेश डराए, जल्दबाजी कराए या असामान्य लगे — तो रुकना ही सबसे बड़ा बचाव है।
ठगी का शिकार होना कमजोरी नहीं, बल्कि इंसान होने का प्रमाण है।
जब तक हम यह नहीं समझेंगे कि why smart people fall for scams, तब तक ठगी के खिलाफ लड़ाई अधूरी रहेगी।
