ईरान प्रदर्शन पर ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव, विदेश मंत्री बोले—अमेरिकी बयान लापरवाह और खतरनाक

Trump warning on Iran protests: ईरान में चल रहे आर्थिक विरोध प्रदर्शनों को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई तो अमेरिका “हस्तक्षेप करेगा”। उनके इस बयान को ईरान ने “लापरवाह और बेहद खतरनाक” करार दिया है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी हमले की स्थिति में “ठीक-ठीक निशाना लगाना जानती हैं”


🗣️ ट्रंप का बयान और ईरान की प्रतिक्रिया

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा—
“अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गोली मारता है, तो अमेरिका उन्हें बचाने आएगा। हम तैयार हैं।”

हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका किस तरह की कार्रवाई करेगा। इससे पहले अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले और उसके जवाब में कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमले की घटनाएं हो चुकी हैं।

अराघची ने एक्स (X) पर लिखा कि अमेरिका को पहले अपने देश के भीतर नेशनल गार्ड की तैनाती पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि ईरान अपने आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी दखल को स्वीकार नहीं करेगा


⚠️ प्रदर्शन, मौतें और बढ़ती अशांति

ईरान में बीते एक सप्ताह से जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 8 लोगों की मौत की खबर है। ये प्रदर्शन तेहरान से शुरू होकर कई शहरों तक फैल गए हैं।
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई जगह झड़पें हुई हैं।

  • लॉर्डेगन शहर में 2 प्रदर्शनकारियों की मौत
  • अज़ना में 3 मौतें
  • कौहदश्त, फुलादशहर और मार्वदश्त में भी मौतों की पुष्टि

बीबीसी इन मौतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका है।


💰 आर्थिक संकट बना विरोध की वजह

प्रदर्शन की जड़ में ईरानी मुद्रा रियाल की डॉलर के मुकाबले भारी गिरावट है। पहले दुकानदार सड़कों पर उतरे, फिर विश्वविद्यालयों के छात्र भी आंदोलन में शामिल हो गए। कई जगह सरकार विरोधी नारे लगाए गए।

यह आंदोलन 2022 में महसा अमीनी की हिरासत में मौत के बाद हुए विद्रोह के बाद सबसे व्यापक माना जा रहा है, हालांकि उसका स्तर इससे कम बताया जा रहा है।


🏛️ ईरानी नेतृत्व का रुख

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों की “वैध मांगों” को सुनेगी।
वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने कहा कि आर्थिक विरोध जायज है, लेकिन “उपद्रवियों को उनकी जगह दिखाना जरूरी है”

ईरान के अभियोजक जनरल ने भी चेतावनी दी कि अस्थिरता फैलाने वालों पर कड़ा जवाब दिया जाएगा।


🌍 संयुक्त राष्ट्र तक पहुंचा मामला

ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत अमीर सईद इरावानी ने ट्रंप के बयान को लेकर यूएन सुरक्षा परिषद से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि हालात बिगड़े, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी।


🧠 क्यों अहम है यह मामला?

यह घटनाक्रम न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति, बल्कि मध्य-पूर्व की स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा के लिए भी बेहद संवेदनशील है। ट्रंप का बयान कूटनीतिक संतुलन को और बिगाड़ सकता है।

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