drug racket busted: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। “ऑपरेशन विश्वास” के तहत दुर्ग पुलिस ने चिट्टा (हेरोइन) तस्करी से जुड़े दो सक्रिय गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस कार्रवाई में करीब 24 लाख रुपये मूल्य का मादक पदार्थ, नकदी और अन्य सामान जब्त किया गया है।
यह कार्रवाई न सिर्फ कानून का सख्त संदेश है, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है कि नशे का कारोबार अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मां-बेटे की जोड़ी चला रही थी चिट्टा का नेटवर्क
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ढांचा भवन, कुरूद में रहने वाली एक महिला अपने बेटे किशन सिंह (25) के साथ मिलकर पंजाब से चिट्टा मंगवाकर दुर्ग-भिलाई में बेच रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और घर पर छापा मारा।
छापे के दौरान पुलिस को
- 33.360 ग्राम चिट्टा (हेरोइन)
- 281.85 ग्राम डोडा चूरा
- 8,90,400 रुपये नकद
बरामद हुए।
पूछताछ में महिला ने कबूल किया कि वह पंजाब से चिट्टा मंगवाती थी और 20 हजार रुपये प्रति ग्राम तक बेचती थी, जबकि डिलीवरी की जिम्मेदारी उसका बेटा निभाता था।
खुर्सीपार में दूसरी बड़ी कार्रवाई, एक के बाद एक गिरफ्तारियां
इसी क्रम में खुर्सीपार थाना क्षेत्र में मिनी स्टेडियम के पास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर पुलिस ने मिथिलेश पाठक (43) और परमेश्वर ठाकुर उर्फ पिंटू डेफिनेट (25) को पकड़ा।
इनके पास से 14 ग्राम सिंथेटिक चिट्टा बरामद हुआ।
पूछताछ के बाद पुलिस ने उनके नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए
दीपक गुप्ता, निहाल राय (19), लोकेश अवस्थी (21), रणदीप सिंह (23) और मोहम्मद अल्ताफ कुरैशी (24) को भी गिरफ्तार कर लिया।

24 लाख रुपये का सामान जब्त, सफेमा कार्रवाई की तैयारी
दोनों मामलों में कुल मिलाकर पुलिस ने
- 52 ग्राम हेरोइन (चिट्टा)
- 281 ग्राम डोडा चूरा
- एक स्विफ्ट कार
- 9 मोबाइल फोन
- करीब 9 लाख रुपये नकद
जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 24 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों की संपत्ति को SAFEMA कोर्ट के माध्यम से अटैच करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
पुलिस का संदेश: नशे के कारोबार पर जीरो टॉलरेंस
दुर्ग पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
पंजाब से छत्तीसगढ़ तक फैले चिट्टा नेटवर्क की हर कड़ी को तोड़ा जाएगा, और किसी भी स्तर पर शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह कार्रवाई युवाओं को नशे से बचाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
