‘अच्छे पड़ोसियों की मदद, बुरे पड़ोसियों से सख्ती जरूरी’— बांग्लादेश दौरे के बाद एस. जयशंकर का स्पष्ट संदेश

Jaishankar good and bad neighbours: बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन पर अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौटने के दो दिन बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत की पड़ोसी नीति पर दो-टूक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए “अच्छे पड़ोसी” और “बुरे पड़ोसी” का अंतर पूरी तरह सामान्य समझ (कॉमन सेंस) पर आधारित है।

जयशंकर ने बुधवार को खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शोक संदेश भी उनके पुत्र और बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारीक रहमान को सौंपा।


IIT मद्रास में बोले जयशंकर

चेन्नई स्थित IIT मद्रास में एक कार्यक्रम के दौरान जयशंकर से बांग्लादेश में जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत की पड़ोसी नीति पर सवाल पूछा गया। जवाब में उन्होंने कहा—

“अगर कोई पड़ोसी आपके लिए अच्छा है या कम से कम नुकसानदायक नहीं है, तो स्वाभाविक रूप से आप उसकी मदद करना चाहते हैं, उससे दोस्ती बढ़ाते हैं। भारत यही करता है।”

उन्होंने कहा कि भारत हमेशा अच्छे पड़ोसियों के साथ सहयोग, निवेश और साझेदारी की नीति अपनाता है।


‘अच्छे पड़ोसियों’ को भारत ने कैसे सहारा दिया

विदेश मंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि—

  • कोविड-19 के दौरान वैक्सीन सहायता
  • यूक्रेन युद्ध के समय ईंधन और खाद्य मदद
  • श्रीलंका के आर्थिक संकट में 4 अरब डॉलर की सहायता

ये सभी भारत की सकारात्मक पड़ोसी नीति के उदाहरण हैं।


‘बुरे पड़ोसियों’ पर सख्त संदेश

इसके बाद जयशंकर ने उन देशों की ओर इशारा किया जो जानबूझकर, लगातार और बिना पछतावे के आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा—

“भारत को अपने बचाव का पूरा अधिकार है। हम यह अधिकार कैसे इस्तेमाल करेंगे, यह हमारा निर्णय होगा। कोई हमें निर्देश नहीं दे सकता।”

यह बयान स्पष्ट रूप से पाकिस्तान की ओर संकेत माना जा रहा है।


सिंधु जल संधि पर भी संकेत

जयशंकर ने बिना नाम लिए सिंधु जल संधि और पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के फैसलों की ओर इशारा करते हुए कहा—

“पानी साझा करने की व्यवस्था सद्भावना पर आधारित थी। लेकिन दशकों तक आतंकवाद चले और फिर भी आप उसी सद्भावना की उम्मीद करें, यह संभव नहीं है।”

उन्होंने दो टूक कहा कि—

“आप यह नहीं कह सकते कि मेरे साथ पानी साझा करो और साथ-साथ आतंकवाद भी जारी रखो।”


संदेश साफ: दोस्ती और सख्ती दोनों

S Jaishankar good and bad neighbours नीति के जरिए भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि—

  • जो पड़ोसी सहयोग चाहते हैं, भारत उनके साथ खड़ा है
  • लेकिन जो देश आतंक और हिंसा का रास्ता चुनते हैं, उनसे सख्ती तय है

जयशंकर का यह बयान भारत की विदेश नीति में स्पष्टता, आत्मविश्वास और सुरक्षा प्राथमिकता को रेखांकित करता है।

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