2026–27 की किताबें पूरी तरह NEP और NCERT मानकों के अनुसार

रायपुर। छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए पाठ्यपुस्तकों की छपाई से जुड़े सभी निर्णय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), NCERT के निर्धारित मानकों और राज्य सरकार एवं SCERT छत्तीसगढ़ के निर्देशों के अनुसार ही लिए जा रहे हैं।

निगम ने कहा कि इन फैसलों में किसी भी स्तर पर मनमानी नहीं की गई है और सभी प्रक्रियाएं पूर्व निर्धारित समझौतों और शैक्षणिक नियमों के तहत पूरी की जा रही हैं।


कक्षा 1 से 8 तक NCERT आधारित पाठ्यक्रम

निगम के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक का पाठ्यक्रम पूरी तरह NCERT पर आधारित है।
15 अक्टूबर 2025 को NCERT, नई दिल्ली और SCERT, रायपुर के बीच हुए समझौते के तहत यह स्पष्ट रूप से तय किया गया है कि—

  • आंतरिक पृष्ठों के लिए 80 GSM पेपर
  • कवर पेज के लिए 220 GSM पेपर
    का उपयोग किया जाएगा।

इसी प्रावधान के तहत कक्षा 1 से 8 की पुस्तकों में 80 GSM और कक्षा 9–10 की पुस्तकों में 70 GSM पेपर का उपयोग किया जा रहा है।


विषयों की संख्या बढ़ी, इसलिए कागज की मांग बढ़ी

नई शिक्षा नीति के अनुरूप कक्षा 1 से 8 में विषयों की संख्या बढ़ाई गई है
जहां पिछले सत्र में 134 विषयों की किताबें छपी थीं, वहीं 2026–27 सत्र में 144 विषयों की पुस्तकें प्रस्तावित हैं।

विशेष रूप से कक्षा 4 और 7 में विषय वृद्धि राज्य सरकार और SCERT के निर्णय के अनुसार की गई है।
इसी कारण कागज की मांग में स्वाभाविक वृद्धि हुई है, जिसे पूरी तरह योजनाबद्ध और अनुमोदित प्रक्रिया के तहत पूरा किया जा रहा है।


कागज की खपत पर फैल रही अफवाहें गलत

पाठ्यपुस्तक निगम ने साफ कहा कि कागज की खपत में असामान्य वृद्धि के दावे तथ्यों से परे हैं।

  • 2025–26 में लगभग 2.65 करोड़ किताबें
  • लगभग 11,000 मीट्रिक टन कागज का उपयोग

2026–27 में भी कागज की अनुमानित आवश्यकता लगभग समान रहने की संभावना है।


स्कूल बैग का वजन बढ़ने का दावा भ्रामक

निगम ने छात्रों के स्कूल बैग का वजन 14% बढ़ने के दावों को भ्रामक बताया।
केवल पेपर GSM के आधार पर बैग वजन का आकलन वास्तविक स्थिति नहीं दर्शाता।

इसके साथ ही—

  • डिजिटल लर्निंग
  • चरणबद्ध पुस्तक वितरण
    जैसे उपाय लागू किए गए हैं, जिससे छात्रों पर अतिरिक्त भार नहीं पड़े।

टेंडर प्रक्रिया में सख्त गुणवत्ता शर्तें

उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया में कड़े प्रावधान किए गए हैं।
बोलीदाताओं को—

  • अधिकृत GST अधिकारियों से क्लियरेंस
  • न्यूनतम 42,000 मीट्रिक टन कागज आपूर्ति का अनुभव

दिखाना अनिवार्य है, ताकि केवल सक्षम और अनुभवी कंपनियां ही प्रक्रिया में शामिल हों।


बहु-विभागीय निगरानी में हो रहा निर्णय

निगम ने बताया कि छपाई और कागज की खरीद कार्यकारी समिति की स्वीकृति के बाद ही की जा रही है।
इस समिति में वित्त, जनजातीय विकास, स्कूल शिक्षा, समग्र शिक्षा, SCERT और शासकीय मुद्रणालय के प्रतिनिधि शामिल हैं।


छात्रों का हित सर्वोपरि

छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे प्रामाणिक आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
निगम ने दोहराया कि छात्रों के हित सर्वोच्च हैं और Chhattisgarh textbook printing 2026-27 की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और तय मानकों के अनुसार की जा रही है।

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