brother murder case: फरवरी 2024 में सामने आया एक सनसनीखेज brother murder case अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत ने ड्रोन निर्माण कंपनी चलाने वाले एयरोनॉटिकल इंजीनियर पीयूष को अपने ही भाई पारस की हत्या का दोषी ठहराया है। यह फैसला न केवल कानून की सख्ती को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि निजी तनाव किस तरह घातक बन सकता है।
घर में हुआ विवाद, तीन गोलियों से खत्म हुई जिंदगी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 25 फरवरी 2024 की रात करीब 10 बजे दोनों भाइयों के बीच पुराने मतभेद फिर उभर आए।
सैफायर ग्रीन फेज-2 कॉलोनी स्थित साझा घर में पहले तकरार हुई, फिर हाथापाई। इसी दौरान पीयूष ने अलमारी से अवैध पिस्टल निकाली और पारस पर तीन गोलियां चला दीं।
पारस के सिर में गंभीर चोट आई और वह मौके पर ही गिर पड़ा। खून से सना फर्श उस रात की भयावहता बयान कर रहा था।
मां को वीडियो कॉल, फिर पुलिस अलर्ट
घटना के बाद पीयूष ने अपनी मां को वीडियो कॉल कर भाई का शव दिखाया। मां ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने नाकेबंदी की और कुछ ही घंटों में डीडी नगर इलाके से पीयूष को हथियार समेत गिरफ्तार कर लिया।
फॉरेंसिक रिपोर्ट, बरामद पिस्टल और आरोपी का स्वीकारोक्ति बयान इस केस के अहम साक्ष्य बने।

45 हजार से 3.5 करोड़ तक का सफर, फिर बिखर गया सब
दोनों भाइयों ने मिलकर एक ड्रोन कंपनी खड़ी की थी, जिसकी शुरुआत सिर्फ ₹45,000 से हुई और दो साल में कारोबार ₹3.5 करोड़ तक पहुंच गया।
रेलवे, बीएसएफ, राज्य पुलिस और कृषि क्षेत्र में कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट थे।
हालांकि, निजी जीवन में पीयूष अवसाद, शराब की लत और हालिया टूटी सगाई से जूझ रहा था। यही मानसिक दबाव अंततः हिंसा में बदल गया।

अवैध हथियार और मानसिक तनाव पर चेतावनी
यह brother murder case verdict समाज के लिए चेतावनी है कि
- अवैध हथियार,
- मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी,
- और घरेलू विवाद
किसी भी वर्ग में जानलेवा साबित हो सकते हैं।
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे वह कितना ही सफल क्यों न हो।
