Bhoramdev Temple Corridor: छत्तीसगढ़ के लोगों की वर्षों पुरानी आकांक्षा अब मूर्त रूप ले रही है। 1000 वर्ष पुराने भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर के विकास का सपना साकार होने जा रहा है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ₹148 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करते हुए इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।
उन्होंने कहा कि भोरमदेव मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक पहचान भी है। ऐसे में इसका सुव्यवस्थित विकास पर्यटन को नई दिशा देगा।
₹148 करोड़ से बदलेगा भोरमदेव क्षेत्र का स्वरूप
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि Bhoramdev Temple Corridor के तहत
- मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण,
- श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं,
- जनजातीय कॉरिडोर,
- और एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर विकसित किया जाएगा।
इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
स्वदेश दर्शन योजना के तहत मिली मंजूरी
इस बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी कि भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना को केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत स्वीकृति मिली है।
उन्होंने कहा कि ₹148 करोड़ की राशि से पर्यटन बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा, जिससे देश-विदेश के पर्यटक आकर्षित होंगे।
छत्तीसगढ़ में निवेश का तेज उभार
भोरमदेव परियोजना के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में निवेश का माहौल भी तेजी से बदला है।
नवंबर 2024 के बाद से राज्य में ₹7.83 लाख करोड़ के 219 निवेश प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
ये परियोजनाएं
- 18 अलग-अलग सेक्टर,
- राज्य के 33 में से 26 जिलों
में फैली हुई हैं।
रोजगार सृजन की मजबूत नींव
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- ₹6,063 करोड़ की 9 बड़ी परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं,
- जिनसे करीब 5,500 लोगों को रोजगार मिला है।
इसके अलावा,
- ₹2.10 लाख करोड़ की 109 परियोजनाएं
- निर्माण और क्रियान्वयन के उन्नत चरण में हैं,
- जिनसे 1.5 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।
यह बदलाव बताता है कि छत्तीसगढ़ अब घोषणाओं से आगे बढ़कर क्रियान्वयन आधारित शासन की ओर अग्रसर है।
विकास, आस्था और रोजगार का संगम
भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर सिर्फ एक पर्यटन परियोजना नहीं, बल्कि
आस्था, संस्कृति और आर्थिक विकास का संगम है।
राज्य सरकार और केंद्र के समन्वय से यह पहल छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिला सकती है।
