Surajpur minor kidnapping case। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। पुलिस ने नाबालिग लड़की के अपहरण, यौन शोषण और कथित जबरन धर्मांतरण के आरोप में एक पादरी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह मामला Surajpur minor kidnapping case के रूप में जांच के दायरे में है।
पादरी सहित चार आरोपी पुलिस गिरफ्त में
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में
- पादरी राजकुमार,
- उसका पिता खैरू,
- रामखेलावन,
- और उसकी पत्नी सुनीता शामिल हैं।
सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया गया है।
धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पादरी राजकुमार स्थानीय लोगों के घरों में जाकर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाता था।
आरोप है कि उसने पीड़िता के पूरे परिवार को अपने प्रभाव में लेकर धर्म परिवर्तन कराया।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच जारी है।
क्रिसमस के दिन अपहरण, फिर यौन शोषण का आरोप
पुलिस के मुताबिक 25 दिसंबर (क्रिसमस) के दिन नाबालिग लड़की का अपहरण किया गया।
इसके बाद उसके साथ यौन शोषण किए जाने का आरोप है।
परिजनों द्वारा बच्ची के लापता होने की शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने सुरक्षित बरामद की नाबालिग
सूरजपुर एसपी प्रशांत ठाकुर के निर्देश पर
थाना प्रभारी अमित कौशिक के नेतृत्व में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई की।
पुलिस ने नाबालिग को राजपुर थाना क्षेत्र के धनधापुर गांव से सुरक्षित बरामद किया।
बच्ची को सुरक्षा कारणों से अंबिकापुर स्थित सखी सेंटर भेजा गया है।
पहले भी दर्ज हैं आरोपी पर मामले
पुलिस के अनुसार, आरोपी पादरी राजकुमार के खिलाफ पहले भी
राजपुर थाने में नाबालिग के अपहरण का मामला दर्ज है।
इसके अलावा उसके आपराधिक रिकॉर्ड अन्य थानों में भी पाए गए हैं।
पुलिस को आशंका है कि आरोपी एक बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं, जिसकी जांच की जा रही है।
आगे और गिरफ्तारी संभव
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर
अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है, और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
यह Surajpur minor kidnapping case कानून, सामाजिक विश्वास और बाल सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया है, जबकि जांच अभी जारी है।
अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
