अंबिकापुर में कड़ाके की ठंड से दूसरी मौत, खुले आसमान के नीचे सोए यात्री ने तोड़ा दम

Ambikapur cold wave death: उत्तरी छत्तीसगढ़ इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है। इसी बीच अंबिकापुर से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां खुले आसमान के नीचे सो रहे एक व्यक्ति की हाइपोथर्मिया (अत्यधिक ठंड लगने) से मौत हो गई।

यह Ambikapur cold wave death बीते 22 दिनों में शहर में ठंड से हुई दूसरी मौत है।


यात्री होने की आशंका, अपर्याप्त कपड़ों में सोया था

पुलिस के अनुसार मृतक के पास से एक बस टिकट बरामद हुआ है, जिससे उसके यात्री होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि व्यक्ति ने बेहद कम कपड़ों में खुले में रात बिताई, जिससे शरीर का तापमान तेजी से गिर गया।

मृतक की शरीर की अकड़ी हुई अवस्था इस बात की पुष्टि करती है कि वह लंबे समय तक जमा देने वाली ठंड के संपर्क में रहा।


22 दिन में दूसरी मौत, पहले भी बस स्टैंड पर गई थी जान

इससे पहले 11 दिसंबर को भी अंबिकापुर बस स्टैंड पर खुले में सो रहे एक व्यक्ति की ठंड से मौत हुई थी।
लगातार हो रही घटनाओं ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।


अंबिकापुर में सबसे कम तापमान, 5.4 डिग्री दर्ज

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे कम रहा।
वहीं दुर्ग में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।


मैनपाट और सरगुजा में पाला, हाईवे पर घना कोहरा

मैनपाट और सरगुजा पठार जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में घास और पौधों पर पाला जम गया, जिससे ओस की बूंदें बर्फ में बदल गईं।
अंबिकापुर–बनारस मार्ग समेत कई हाईवे पर घना कोहरा छाया रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।


दो दिन हल्की बारिश की संभावना, ठंड बनी रहेगी

मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
अगले 48 घंटों में तापमान 1–2 डिग्री बढ़ सकता है, लेकिन इसके बाद फिर 2–3 डिग्री की गिरावट संभव है, जिससे ठंड और लंबी खिंच सकती है।


अस्पतालों में बच्चों की बढ़ी परेशानी

ठंड का सबसे ज्यादा असर नवजात और छोटे बच्चों पर देखा जा रहा है।
पिछले महीने रायपुर के अंबेडकर अस्पताल और निजी अस्पतालों में 400 से ज्यादा शिशुओं में हाइपोथर्मिया के मामले दर्ज किए गए।

डॉक्टरों के अनुसार,
सी-सेक्शन से जन्मे बच्चे जल्दी ठंड पकड़ लेते हैं क्योंकि उनकी मांसपेशियां पूरी तरह विकसित नहीं होतीं।
गंभीर मामलों में बच्चों को NICU और SNCU में भर्ती करना पड़ रहा है।


ओपीडी में उमड़ी भीड़, अलाव से मिली राहत

अंबेडकर अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 600 से अधिक मरीज वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और सांस संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

वहीं रायपुर नगर निगम ने महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर रात में कई स्थानों पर अलाव जलवाए, जिससे बेसहारा लोगों को राहत मिली।


स्वास्थ्य विभाग की सलाह

स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि—

  • गर्म कपड़े पहनें
  • बेवजह बाहर निकलने से बचें
  • तापमान में उतार-चढ़ाव से सतर्क रहें
  • मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और फुल स्लीव कपड़े पहनें
  • घर के आसपास जमा पानी हटाएं

Ambikapur cold wave death की यह घटना चेतावनी है कि ठंड केवल असुविधा नहीं, बल्कि जानलेवा भी हो सकती है।
सरकार, प्रशासन और समाज — तीनों को मिलकर सबसे कमजोर वर्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

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