Durg police transfer । नए साल की शुरुआत के साथ ही दुर्ग पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने एक साथ 11 थाना प्रभारियों का तबादला कर महकमे में नई ऊर्जा और कसावट लाने का संदेश दिया है। यह निर्णय इन दिनों पुलिस विभाग और आमजन के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
यह कदम Durg police transfer प्रक्रिया के तहत लिया गया है, जिसे महकमे में “बड़ी सर्जरी” के रूप में देखा जा रहा है।
लंबे समय से जमे अधिकारियों को किया गया इधर-उधर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कई अधिकारी लंबे समय से एक ही थाने में पदस्थ थे। ऐसे में प्रशासनिक संतुलन और प्रभावी पुलिसिंग के उद्देश्य से उनका तबादला किया गया है।
इस बदलाव का मकसद साफ है—
- पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह बनाना
- अपराध नियंत्रण में तेजी लाना
- जनता से बेहतर संवाद स्थापित करना
संवेदनशील थानों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती
बताया जा रहा है कि इस Durg police transfer में क्षेत्रीय अनुभव और कार्य निष्पादन को खास तौर पर ध्यान में रखा गया है। कई संवेदनशील थाना क्षेत्रों में अनुभवी और सख्त छवि वाले अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
नए थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में
- लंबित मामलों के त्वरित निराकरण,
- अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई,
- और आम नागरिकों की शिकायतों की समयबद्ध सुनवाई
की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जनता में जगी नई उम्मीद
इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के बाद जिलेभर में पुलिस व्यवस्था को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आम लोगों को उम्मीद है कि नए थाना प्रभारी तेज निर्णय, संवेदनशील व्यवहार और नो-नॉनसेंस पुलिसिंग के जरिए कानून-व्यवस्था को और मजबूत करेंगे।
नए साल पर एसपी विजय अग्रवाल का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि दुर्ग पुलिस अब ढिलाई नहीं, सख्ती और जवाबदेही के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।
कुल मिलाकर, Durg police transfer केवल तबादलों की सूची नहीं, बल्कि जिले में बेहतर कानून-व्यवस्था और प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में एक ठोस प्रयास माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर जमीनी स्तर पर कितना दिखता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
