Durg Shyam Baba Bhajan Sandhya: जब पूरा देश नए साल के जश्न में डूबा हुआ था, उसी समय छत्तीसगढ़ की धार्मिक नगरी दुर्ग में एक अलग ही माहौल देखने को मिला। शहर के सत्तीचौरा क्षेत्र में नववर्ष की पूर्व संध्या से देर रात्रि तक श्याम बाबा की भजन संध्या का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।
इस आयोजन का संदेश भी खास था—
“न डिस्को जाएंगे, ना होटल जाएंगे, नया साल सांवरिया तेरे दर पर बिताएंगे।”
श्याम भक्ति में झूमे श्रद्धालु
Durg Shyam Baba Bhajan Sandhya में गंजपत सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्याम प्रेमी और धर्मप्रेमी शामिल हुए। आयोजक समिति के मोहित पुरोहित और ऋषि गुप्ता ने बताया कि प्रसिद्ध भजन गायक मयूर मयंक बिंदल (डोंगरगढ़) ने “हारे का तू है सहारा”, “साथी हमारा कौन बनेगा” और “जी कर रहा है आप पे ये जान वार दू” जैसे भावपूर्ण भजन प्रस्तुत किए। इन भजनों पर श्रद्धालु तालियों और जयकारों के साथ झूम उठे।
महिलाओं के लिए विशेष गरबा भजन
भजन गायिका ट्रिंकल खेमुका ने “आज नहीं तो कब नाचोगे”, “मच गया शोर सारी नगरी में” सहित गरबा आधारित भजनों से विशेष रूप से महिलाओं को भावविभोर कर दिया।
संगीत की मधुरता को और निखारा निर्मल म्यूजिकल ग्रुप ने, जिनकी प्रस्तुति ने पूरी भजन संध्या को यादगार बना दिया।
नववर्ष स्वागत और सम्मान समारोह
यह आयोजन गंजपारा प्रीमियर लीग सीजन-2 के तत्वावधान में 31 दिसंबर की रात पुराने वर्ष की विदाई और नववर्ष के स्वागत के रूप में किया गया।
कार्यक्रम में गंजपारा वार्ड की पार्षद प्रतिभा सुरेश गुप्ता ने आंगनबाड़ी सहायिकाओं और मितानिन दीदियों का सम्मान किया। उन्हें साड़ी, बैग और मिष्ठान भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समाज सेविका पायल जैन और पार्षद प्रतिभा सुरेश गुप्ता अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन जन समर्पण सेवा संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ‘बंटी’ ने किया।
सम्मान, प्रसाद और सहभागिता
कार्यक्रम की शुरुआत सभी कलाकारों और अतिथियों को बाबा श्याम जी का दुपट्टा पहनाकर स्वागत से हुई। पायल जैन और राहुल शर्मा का भी सम्मान किया गया।
भजन संध्या के पश्चात सभी भक्तों के लिए प्रसाद स्वरूप भोजन की व्यवस्था की गई।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, पुरुष-महिलाएं और श्याम भक्त उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम पूरी तरह भक्ति और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बन गया।

Durg Shyam Baba Bhajan Sandhya ने यह संदेश दिया कि नया साल केवल शोर-शराबे से नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कार और सामूहिक श्रद्धा से भी मनाया जा सकता है। सत्तीचौरा की यह भजन संध्या श्रद्धालुओं के लिए नववर्ष की एक आध्यात्मिक शुरुआत बन गई।
