RSS प्रमुख मोहन भागवत की चिंता: असंतुलित विकास, नशा और युवाओं का अकेलापन समाज के लिए बड़ा खतरा

Mohan Bhagwat youth development statement: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने विकास की मौजूदा दिशा, पर्यावरणीय असंतुलन और युवाओं में बढ़ते नशे को लेकर गहरी चिंता जताई है।
रायपुर एम्स में आयोजित युवा विकास कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया आज तक ऐसा विकास मॉडल नहीं बना पाई है, जिसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण बिना एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाए साथ-साथ आगे बढ़ सकें।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब समय आ गया है जब समाज को संतुलित विकास का विकल्प तलाशना होगा।


🌱 विकास बनाम पर्यावरण: संतुलन की जरूरत

डॉ. भागवत ने कहा कि

“इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रकृति दोनों का समानांतर विकास जरूरी है। किसी एक को नजरअंदाज कर आगे बढ़ना आने वाली पीढ़ियों के लिए घातक साबित होगा।”

उन्होंने नीतियों के साथ-साथ जीवनशैली में बदलाव पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि छोटे-छोटे व्यक्तिगत फैसले मिलकर बड़े सामाजिक बदलाव की नींव रखते हैं।


🚨 युवाओं में बढ़ता नशा, अंदरूनी अकेलापन बड़ी चिंता

Mohan Bhagwat youth development statement में युवाओं के मानसिक हालात पर भी गंभीर चिंता सामने आई।
डॉ. भागवत ने कहा कि आज का युवा अंदर से खुद को अकेला महसूस कर रहा है। परिवारों में संवाद की कमी और रिश्तों के भावनात्मक रूप से कमजोर पड़ने के कारण युवाओं के सामने

  • मोबाइल
  • और नशा

आसान विकल्प बनते जा रहे हैं।

उन्होंने इसे केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक संकट बताया।


👨‍👩‍👧‍👦 परिवार और संवाद की भूमिका

सरसंघचालक ने कहा कि जब परिवारों में बातचीत कम होती है और रिश्ते केवल औपचारिक रह जाते हैं, तब युवा भावनात्मक सहारे के लिए गलत रास्तों की ओर बढ़ते हैं।
उन्होंने समाज से अपील की कि वह युवाओं को सुनने और समझने की संस्कृति को फिर से मजबूत करे।


🌍 अरावली का उदाहरण, भविष्य की चेतावनी

डॉ. भागवत ने अरावली पर्वत श्रृंखला का संदर्भ देते हुए चेताया कि अगर अंधाधुंध विकास की दौड़ यूं ही चलती रही, तो आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरणीय असंतुलन की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

उनका कहना था कि विकास की सफलता केवल इमारतों और सड़कों से नहीं, बल्कि स्वस्थ पर्यावरण और संतुलित समाज से मापी जानी चाहिए।


🧑‍🎓 युवाओं से सीधी अपील

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने युवाओं से कहा कि

  • रोजगार और करियर जरूरी हैं
  • लेकिन पर्यावरण और समाज की जिम्मेदारी भी उतनी ही अहम है

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने छोटे-छोटे फैसलों से सकारात्मक बदलाव की शुरुआत करें।


📌 तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास

गौरतलब है कि RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। रायपुर एम्स में आयोजित यह युवा संवाद कार्यक्रम इसी कड़ी का हिस्सा था, जहां उन्होंने सीधे युवाओं से संवाद कर उनके सवालों और चिंताओं को सुना।


Mohan Bhagwat youth development statement ने एक बार फिर यह साफ किया है कि विकास, पर्यावरण और युवा—तीनों को अलग-अलग नहीं, बल्कि एक साथ सोचने की जरूरत है। संतुलन ही भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी है।

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