Padmanabhpur mule account gang: दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े Padmanabhpur mule account gang का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल करता था और फिर उन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन धोखाधड़ी और सट्टेबाजी ऐप्स में करता था।
🧾 कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा
इस मामले की शुरुआत तब हुई, जब एक प्रार्थी ने पद्मनाभपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी के अनुसार, उसकी मोबाइल दुकान में काम करने वाले युवक अमित मिश्रा का दोस्त लोकेश जाघव दुकान पर आया और बताया कि उसका भाई बाहर रहता है और पैसा भेजना चाहता है, लेकिन उसके पास बैंक खाता नहीं है।
लोकेश ने खाता देने के बदले 20 हजार रुपये का लालच दिया। भरोसे में आकर प्रार्थी ने अपना एक्सिस बैंक और आईडीबीआई बैंक का खाता उसे सौंप दिया।
🚨 बैंक खाता फ्रीज होते ही बढ़ा शक
कुछ ही दिनों बाद प्रार्थी का आईडीबीआई बैंक खाता फ्रीज हो गया। जब उसे कारण समझ आया, तो उसने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद पद्मनाभपुर पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।
🚌 महाराष्ट्र भागने की फिराक में था मुख्य आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी लोकेश जाघव महाराष्ट्र के कल्याण भागने की तैयारी में है। पुलिस ने उसे दुर्ग बस स्टैंड से हिरासत में लिया।
पूछताछ में लोकेश ने बड़ा खुलासा किया। उसके पास से पुलिस ने:
- 33 एटीएम और क्रेडिट कार्ड
- 15 चेकबुक
- 9 पासबुक
- 12 विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड
बरामद किए।
👥 भाई के साथ मिलकर चलाता था म्यूल अकाउंट नेटवर्क
लोकेश ने बताया कि वह यह काम अपने बड़े भाई टवन जाघव के साथ मिलकर करता था। पुलिस ने टवन जाघव को भी गिरफ्तार किया।
टवन के पास से बरामद हुए:
- 28 एटीएम और क्रेडिट कार्ड
- 8 चेकबुक
- 8 पासबुक
- 4 सिम कार्ड
🔗 पूरे गिरोह तक पहुंची पुलिस
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह विनय सेगर, राजू गायकवाड़ और अमित मिश्रा के साथ मिलकर काम करता था। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया।
कुल बरामदगी:
- 78 एटीएम और क्रेडिट कार्ड
- 21 चेकबुक
- 18 पासबुक
- 16 विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड
🎙️ क्या बोले CSP हर्षित मेहर
दुर्ग के सीएसपी हर्षित मेहर ने बताया कि प्रार्थी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने Padmanabhpur mule account gang से जुड़े सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने बताया कि आरोपी खाताधारकों को पैसों का लालच देकर बैंक खाते लेते थे, फिर उन्हें महाराष्ट्र में बेचकर
👉 ऑनलाइन कार्निवाल गेमिंग
👉 क्रेप्स बेटिंग ऐप्स
में इस्तेमाल करते थे।
⚠️ पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि कभी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम या सिम कार्ड किसी को न दें। ऐसा करना आपको भी गंभीर कानूनी संकट में डाल सकता है।
यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा है, बल्कि आम लोगों के लिए भी एक सख्त चेतावनी है कि डिजिटल दौर में थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
