UAE Yemen Withdrawal: मध्य-पूर्व की राजनीति में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने यमन से अपनी सैन्य मौजूदगी समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। यूएई ने इसे “आतंकवाद विरोधी अभियानों” का अंत बताया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब सऊदी अरब ने यूएई पर यमन के अलगाववादी गुटों को समर्थन देने का आरोप लगाया है।
यह घटनाक्रम UAE Yemen Withdrawal को क्षेत्रीय राजनीति का अहम मुद्दा बना रहा है।
🇾🇪 यमन सरकार और सऊदी अरब का दबाव
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने यूएई से 24 घंटे के भीतर अपने सैनिक हटाने की मांग की थी। इस मांग को सऊदी अरब का समर्थन मिला, जिससे अबू धाबी पर दबाव और बढ़ गया।
इसी बीच, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने दक्षिणी यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर हमला किया। रियाद का दावा है कि यह हमला यूएई से जुड़े हथियारों की खेप को निशाना बनाकर किया गया, जो अलगाववादी संगठन सदर्न ट्रांजिशन काउंसिल (STC) तक पहुंचाई जा रही थी।
🔥 STC की बढ़ती ताकत और टकराव
STC ने पहले हूती विद्रोहियों के खिलाफ यमन सरकार का साथ दिया था, लेकिन इस महीने उसने सरकारी बलों के खिलाफ आक्रामक अभियान शुरू कर दिया। संगठन दक्षिण यमन में अलग स्वतंत्र राज्य की मांग कर रहा है।
इस आक्रमण के दौरान STC ने हदरमौत और महरा प्रांतों समेत दक्षिण यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर लिया। ये इलाके रणनीतिक रूप से अहम हैं क्योंकि
- हदरमौत सऊदी अरब की सीमा से सटा है
- महरा ओमान और सऊदी सीमा के करीब है
🇸🇦 सऊदी अरब की सख्त चेतावनी
सऊदी अरब ने यूएई पर आरोप लगाया कि वह STC पर दबाव डालकर सैन्य कार्रवाई करवा रहा है। रियाद ने इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
सऊदी बयान में साफ कहा गया—
“राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ किसी भी खतरे को लाल रेखा माना जाएगा, और सऊदी अरब उसे निष्क्रिय करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।”
🇦🇪 यूएई का जवाब और सैन्य वापसी
तेजी से बदले हालात के बीच यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने यमन में अपनी भूमिका की “व्यापक समीक्षा” की है। इसके बाद निर्णय लिया गया कि बचे हुए सभी आतंकवाद-रोधी सैनिकों को वापस बुलाया जाएगा।
यूएई के बयान में कहा गया कि यह फैसला
- सैनिकों की सुरक्षा
- अभियानों की प्रभावशीलता
को ध्यान में रखकर लिया गया है।
🌍 क्षेत्रीय तनाव कम करने की कोशिश
यूएई की यह घोषणा ऐसे समय आई है, जब बीते कुछ दिनों में सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव खुलकर सामने आया है। माना जा रहा है कि यह कदम हालात को नियंत्रित करने और तनाव कम करने की दिशा में उठाया गया है।
✨ निष्कर्ष
UAE Yemen Withdrawal केवल एक सैन्य फैसला नहीं, बल्कि मध्य-पूर्व की बदलती रणनीति और गठबंधनों का संकेत है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यमन संकट और सऊदी-यूएई संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
