शिवनाथ नदी में ज़हर घुला! दुर्ग के धमधा में जहरीले पानी से मरी मछलियां, पेयजल संकट गहराया

Shivnath River Water Pollution: दुर्ग जिले की जीवनरेखा कही जाने वाली शिवनाथ नदी इन दिनों अपने सबसे भयावह दौर से गुजर रही है। धमधा नगर पंचायत क्षेत्र के मोतीपुर-बिरोधा स्टाफ डैम के पास नदी में बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां, सांप, केकड़े और मेंढक तैरते देखे गए। यह दृश्य देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

ग्रामीणों और मछुआरों का आरोप है कि किसी फैक्ट्री द्वारा जहरीला रासायनिक पानी सीधे शिवनाथ नदी में छोड़ा गया है, जिससे नदी का पानी पूरी तरह दूषित हो गया।


मछुआरों की आजीविका पर संकट

घटना के बाद मछुआरों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि नदी में अचानक हुई इस मौत ने न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि उनकी रोजी-रोटी भी छीन ली है। अब व्यापारी और आम लोग नदी के पानी से दूरी बनाने लगे हैं।


धमधा नगर की जल आपूर्ति पर सीधा असर

मोतीपुर-बिरोधा स्टाफ डैम से पूरे धमधा नगर को पेयजल की आपूर्ति होती है। यहीं से संचालित दो वाटर फिल्टर प्लांट हजारों लोगों की प्यास बुझाते हैं। भविष्य में इसी स्रोत से आसपास के गांवों को भी पानी देने की योजना है।

ऐसे में Shivnath River Water Pollution का मामला केवल पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि एक संभावित स्वास्थ्य आपदा बनता जा रहा है।


कांग्रेस का आरोप, आंदोलन की चेतावनी

इस मुद्दे पर कांग्रेस महामंत्री राजीव गुप्ता ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा—

“लगातार जहरीला पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। साथ ही गेट खुले रहने से जलस्तर भी घट रहा है। यदि प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।”


नगर पंचायत ने एहतियातन रोकी जल आपूर्ति

धमधा नगर पंचायत अध्यक्ष श्वेता अग्रवाल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल नगर की जल आपूर्ति बंद करने की पुष्टि की।

उन्होंने कहा—

“अब तक किसी नागरिक के बीमार होने की सूचना नहीं है। कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं।”


प्रशासन जांच में जुटा

धमधा के एसडीएम सोनल डेविड ने बताया कि शिवनाथ नदी में प्रदूषण की सूचना पर जांच शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


जनता में डर, जवाब का इंतजार

फिलहाल सवाल यह है कि
क्या सच में किसी फैक्ट्री का रासायनिक कचरा शिवनाथ नदी में डाला जा रहा है?
और यदि हां, तो दुर्ग की इस जीवनदायिनी को ज़हर बनाने वालों पर कब होगी कार्रवाई?

अब पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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