Magneto Mall Raipur: रायपुर की एक अदालत ने मैग्नेटो मॉल में क्रिसमस सजावट में तोड़फोड़ के मामले में गिरफ्तार बजरंग दल के सात कार्यकर्ताओं को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
यह घटना 24 दिसंबर की है, जब कथित तौर पर बजरंग दल के सदस्य राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के दौरान मॉल में घुस गए थे।
लाठी-डंडों के साथ मॉल में घुसा था समूह
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का यह समूह लाठी और लोहे की रॉड से लैस था।
उन्होंने मॉल में लगे:
- सांता क्लॉज की मूर्तियां
- हिरण, स्लेज और स्नोमैन
- क्रिसमस ट्री और अन्य सजावटी सामान
को नुकसान पहुंचाया। इस पूरी घटना से मॉल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
30–40 लोगों पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने इस मामले में 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ:
- अनधिकार प्रवेश
- दंगा
- सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान
- गैरकानूनी जमावड़ा
जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है।
गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों को 27 दिसंबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
CCTV फुटेज से हो रही अन्य आरोपियों की पहचान
जांच एजेंसियां अब मॉल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि अन्य आरोपियों की पहचान की जा सके।
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
थाने के बाहर 9 घंटे का प्रदर्शन
गिरफ्तारियों के बाद करीब 300 बजरंग दल समर्थकों ने थाने के बाहर लगातार 9 घंटे तक प्रदर्शन किया।
हालांकि, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया।
16 साल में पहली बार ऐसा माहौल
मैग्नेटो मॉल प्रबंधन के अनुसार, पिछले 16 वर्षों में यह पहली बार है, जब उन्हें इस तरह की धमकी और हिंसा का सामना करना पड़ा है।
मॉल स्टाफ ने कहा कि यह घटना केवल संपत्ति को नुकसान नहीं, बल्कि शहर की सामाजिक सौहार्द्र पर भी चोट है।
कानून के तहत कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अदालत के जमानत खारिज करने के फैसले को प्रशासन ने जांच के लिए अहम माना है।
