NIA Chhattisgarh Naxal Case: छत्तीसगढ़ में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। 2024 के विस्फोटक आपूर्ति मामले में NIA ने पांच और आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें चार आरोपी अभी फरार हैं।
यह कार्रवाई नक्सल संगठन CPI (Maoist) को विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने से जुड़े मामले में की गई है, जो सुरक्षा बलों के लिए बड़ा खतरा बन सकता था।
चार फरार समेत पांच आरोपी नामजद
NIA की ओर से जिन आरोपियों को चार्जशीट किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- गिरफ्तार आरोपी: मनीष सोढ़ी उर्फ हुर्रा
- फरार आरोपी: सोढ़ी केसा, मनीला, मडकाम केसा और सोढ़ी लखमा
सभी आरोपी छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के निवासी हैं। NIA ने सभी के खिलाफ IPC, Explosive Substances Act और UAPA की गंभीर धाराओं में आरोप तय किए हैं।
PLGA बटालियन के लिए IED बनाने की साजिश
NIA के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि आरोपी CPI (Maoist) की PLGA बटालियन नंबर-01 और जगरगुंडा क्षेत्र में सक्रिय नक्सली कैडर को विस्फोटक सामग्री सप्लाई कर रहे थे।
इन सामग्रियों का इस्तेमाल IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने के लिए किया जाना था, ताकि सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जा सके।
विस्फोटक सामग्री और नक्सली साहित्य बरामद
यह मामला मूल रूप से 25 सितंबर 2024 को दर्ज किया गया था, जब राज्य पुलिस ने मंतोष मंडल और एस नागार्जुन को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ के बाद पुलिस ने:
- टिफिन बम
- डेटोनेटर
- पोटैशियम नाइट्रेट
- एल्युमिनियम पाउडर
- नक्सली साहित्य और मोबाइल फोन
जैसी आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी।
आतंकी फंडिंग और सप्लाई चेन का खुलासा
NIA ने दिसंबर 2024 में यह केस अपने हाथ में लिया था। एजेंसी के अनुसार, आगे की जांच में आतंकी फंडिंग और विस्फोटक सप्लाई चेन की पूरी कड़ी सामने आई है।
अब तक इस मामले में कुल 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
सुरक्षा बलों के लिए बड़ी राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि NIA की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में बड़ा कदम है। समय रहते विस्फोटक सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ होना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
