पुरी।
Lord Jagannath idol floating in sea: सोशल मीडिया पर गुरुवार को वायरल हुए एक हृदय विदारक वीडियो ने देशभर के भगवान जगन्नाथ के भक्तों को झकझोर कर रख दिया। वीडियो में भगवान जगन्नाथ की एक मूर्ति समुद्र में तैरती हुई दिखाई दे रही है, जिसे कुछ युवकों द्वारा बाहर निकाला जाता है। मूर्ति की हालत बेहद दयनीय और पीड़ादायक नजर आती है।
वीडियो देखकर भक्तों की भावनाएं आहत
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ युवक समुद्र से भगवान जगन्नाथ की लकड़ी की मूर्ति को बाहर खींचते हैं।
हालांकि मूर्ति का सुरक्षित बाहर आना राहत की बात रही, लेकिन जिस तरह से उसे बिना श्रद्धा और मर्यादा के घसीटा गया, उसने भक्तों को गहरी पीड़ा दी।
भगवान जगन्नाथ को करोड़ों श्रद्धालु ‘दारु ब्रह्म’ के रूप में पूजते हैं। ऐसे में मूर्ति के साथ इस तरह का व्यवहार धार्मिक आस्था के विरुद्ध माना जा रहा है।
कई गंभीर सवाल खड़े हुए
इस घटना के सामने आने के बाद कई संवेदनशील सवाल उठ रहे हैं—
- भगवान जगन्नाथ की पवित्र मूर्ति को समुद्र में किसने प्रवाहित किया?
- क्या यह किसी परंपरा का हिस्सा था या जानबूझकर किया गया कृत्य?
- मूर्ति को बाहर निकालने के बाद उसे सम्मानपूर्वक क्यों नहीं संभाला गया?
इन सवालों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
पुरी समुद्र तट का बताया जा रहा है वीडियो
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह वीडियो पुरी समुद्र तट का बताया जा रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भावनात्मक प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई, जहां श्रद्धालु दोषियों पर कार्रवाई और धार्मिक भावनाओं के सम्मान की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन और श्रीमंदिर की चुप्पी
इस पूरे मामले पर श्रीमंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
प्रशासन की चुप्पी ने भक्तों की चिंता और नाराजगी को और बढ़ा दिया है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
गौरतलब है कि इससे पहले भी 13 जुलाई को पुरी के जगन्नाथ बल्लव पार्किंग क्षेत्र में
चतुर्धा मूर्ति—महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र, देवी सुभद्रा और सुदर्शन
को उपेक्षित और असम्मानजनक स्थिति में पाया गया था।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने मूर्ति संरक्षण और धार्मिक मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
श्रद्धालुओं की मांग
भक्तों और धार्मिक संगठनों ने मांग की है कि—
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए
- दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई हो
- भविष्य में भगवान जगन्नाथ से जुड़ी किसी भी मूर्ति के साथ पूर्ण सम्मान और धार्मिक नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए
यह मामला केवल एक मूर्ति का नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं से जुड़ा हुआ है।
