बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या, सरकार ने साम्प्रदायिक हिंसा से किया इनकार

Bangladesh Violence News: बांग्लादेश में हाल के दिनों में हिंसक घटनाओं को लेकर माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। Bangladesh Violence के बीच एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है।
राजबाड़ी जिले के पांगशा उप-जिले में 29 वर्षीय अमृत मंडल उर्फ सम्राट की बुधवार रात करीब 11 बजे पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह इलाका राजधानी ढाका से लगभग साढ़े तीन घंटे की दूरी पर स्थित है।

यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है, जब कुछ दिन पहले ही दीपु चंद्र दास की lynching के बाद शव को जलाने की घटना ने देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया था।


🔹 पुलिस और सरकार का दावा: साम्प्रदायिक हिंसा नहीं

बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने इस घटना को साम्प्रदायिक हिंसा से जोड़ने से इनकार किया है।
सरकारी बयान में कहा गया—

“सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों द्वारा भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। प्रारंभिक जांच और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार यह घटना साम्प्रदायिक नहीं, बल्कि अवैध वसूली और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी है।”

सरकार के अनुसार, अमृत मंडल एक सूचीबद्ध अपराधी था और वह इलाके में जबरन वसूली के उद्देश्य से आया था।


🔹 कैसे हुई घटना?

पुलिस के मुताबिक, अमृत मंडल अपने कुछ साथियों के साथ एक स्थानीय निवासी के घर से पैसे वसूलने की कोशिश कर रहा था।
इसी दौरान स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अमृत मंडल को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां रात करीब 2 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया


🔹 पोस्टमार्टम और गिरफ्तारी

  • शव को राजबाड़ी सदर अस्पताल के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
  • घटना के बाद उसके अधिकांश साथी फरार हो गए
  • पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया
  • आरोपी के पास से अवैध हथियार बरामद किए गए
  • अमृत मंडल के खिलाफ कम से कम दो आपराधिक मामले, जिनमें एक हत्या का मामला भी शामिल था

🔹 अंतरिम सरकार की प्रतिक्रिया

सरकार ने हत्या की निंदा करते हुए कहा कि—

“सरकार किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि, भीड़ द्वारा पिटाई या हिंसा का समर्थन नहीं करती।”

यह बयान राज्य संचालित समाचार एजेंसी BSS के हवाले से जारी किया गया।


🔹 राजनीतिक पृष्ठभूमि में घटना

यह घटना ऐसे समय हुई है जब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान 17 वर्षों के आत्मनिर्वासन के बाद देश लौटे हैं।
गुरुवार को उन्होंने अपनी मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से अस्पताल में मुलाकात की, जो 17 वर्षों में पहली बार दोनों की बांग्लादेश में मुलाकात थी।


🔹 तारिक रहमान की एकता की अपील

इस बीच, तारिक रहमान ने हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और बौद्ध समुदायों से शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि—

“देश को हिंसा से बाहर निकालने और न्याय व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी समुदायों को एकजुट होना होगा।”


🔹 क्यों अहम है यह Bangladesh Violence News?

  • अल्पसंख्यक सुरक्षा पर फिर सवाल
  • भीड़ हिंसा की बढ़ती घटनाएं
  • चुनाव से पहले राजनीतिक अस्थिरता
  • सरकार और विपक्ष दोनों पर दबाव

यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।


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