Chhattisgarh High Court Section 354 ruling: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि महिला का हाथ पकड़ना, उसे अपनी ओर खींचना और “I Love You” कहना भी IPC की धारा 354 के तहत महिला की मर्यादा भंग करने का अपराध माना जाएगा।
यह टिप्पणी Chhattisgarh High Court Section 354 ruling के तहत सुनाए गए फैसले में सामने आई है, जिसे महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
👩⚖️ क्या था पूरा मामला?
मामला एक ऐसे युवक से जुड़ा है, जो घटना के समय 19 वर्ष का था।
आरोप है कि उसने स्कूल से लौट रही लड़की का हाथ पकड़ा, उसे अपनी ओर खींचा और “I Love You” कहा।
ट्रायल कोर्ट ने उसे IPC और POCSO Act की विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए तीन साल की कठोर सजा सुनाई थी।
🧑⚖️ हाईकोर्ट ने क्या कहा?
इस मामले में अपील की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी ने कहा:
“आरोपी ने न केवल पीड़िता का हाथ पकड़ा, बल्कि उसे अपनी ओर खींचते हुए ‘I Love You’ कहा। ग्रामीण परिवेश में किसी भी लड़की के साथ ऐसा व्यवहार अत्यंत आपत्तिजनक है।”
अदालत ने माना कि यह आचरण महिला की मर्यादा भंग करने की श्रेणी में आता है।
⏳ सजा में राहत, दोष बरकरार
हालांकि हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि को बरकरार रखा, लेकिन आरोपी की उम्र और सीमित कृत्य को देखते हुए सजा को तीन साल से घटाकर एक साल कर दिया।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपी, जो फिलहाल जमानत पर है, वह शेष सजा भुगतने के लिए आत्मसमर्पण करे।
❌ POCSO एक्ट के तहत सजा रद्द
हाईकोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत दी गई सजा को रद्द कर दिया।
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी, इसलिए POCSO की धाराएं टिकाऊ नहीं हैं।
📚 ‘मर्यादा’ शब्द का कानूनी अर्थ
फैसले में अदालत ने “modesty (मर्यादा)” शब्द की व्याख्या भी की।
हाईकोर्ट ने Webster Dictionary और Oxford English Dictionary का हवाला देते हुए कहा कि मर्यादा का अर्थ है—
- शालीनता
- आचरण, विचार और व्यवहार में संयम
- अश्लीलता और अभद्रता से दूरी
Chhattisgarh High Court Section 354 ruling यह स्पष्ट करता है कि महिला की सहमति के बिना किया गया कोई भी शारीरिक या शब्दात्मक व्यवहार हल्के में नहीं लिया जा सकता।
यह फैसला समाज को यह संदेश देता है कि सम्मान और मर्यादा कानून की नजर में सर्वोपरि हैं।
