पीड़िता को घसीटे जाने पर मंत्री ओमप्रकाश राजभर की हंसी, राहुल गांधी ने कहा– यह न्याय नहीं, अमानवीयता है

नई दिल्ली:
Unnao rape case news: उन्नाव गैंगरेप मामले ने एक बार फिर देश की न्याय व्यवस्था, राजनीति और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली के इंडिया गेट लॉन पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रही उन्नाव गैंगरेप पीड़िता और उसकी मां को जबरन हटाए जाने के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया है।


मंत्री की हंसी और बयान ने बढ़ाया आक्रोश

उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर से जब जबरन हटाए जाने की घटना पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा—

“अब घर तो उनका उन्नाव है”

इतना कहने के बाद मंत्री खुद हंस पड़े
उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोगों ने इसे पीड़िता के दर्द का मजाक बताया।


“मैं उस वक्त मर जाना चाहती थी” – पीड़िता का दर्द

पीड़िता ने मंगलवार शाम भावुक होकर कहा—

“उस पल मुझे अपनी जान खत्म कर देने का मन हुआ, लेकिन परिवार का ख्याल आ गया।”

पीड़िता का आरोप है कि—

  • दिल्ली पुलिस ने उन्हें घसीटकर हटाया
  • उनके हाथ-पैर पकड़े गए
  • मां को सड़क के बीच फेंक दिया गया
  • उन्हें अपने वकील से मिलने तक नहीं दिया गया

यह दृश्य कई लोगों के लिए झकझोर देने वाला था।


राहुल गांधी का तीखा सवाल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने X (पूर्व ट्विटर) पर वीडियो साझा करते हुए लिखा—

“क्या गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार सही है?”

उन्होंने कहा—

  • दोषी को जमानत मिलना शर्मनाक है
  • पीड़िता को अपराधी की तरह ट्रीट किया जा रहा है
  • यह केवल अर्थव्यवस्था नहीं, समाज की आत्मा की मौत है

राहुल गांधी ने साफ कहा कि पीड़िता को
👉 सम्मान, सुरक्षा और न्याय चाहिए,
न कि डर और अपमान।


क्या है पूरा उन्नाव रेप केस?

Unnao rape case news की पृष्ठभूमि बेहद दर्दनाक है—

  • 4 जून 2017: नाबालिग लड़की नौकरी मांगने पूर्व BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के घर गई
  • वहीं उसके साथ बलात्कार हुआ
  • 7 दिन बाद अपहरण कर गैंगरेप
  • FIR के बाद पीड़िता के पिता की हिरासत में संदिग्ध मौत
  • मामला देशभर में तब फैला

2019 में सुप्रीम कोर्ट ने केस को उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर किया।


सेंगर को जमानत, पीड़िता को डर

सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने—

  • कुलदीप सेंगर की आजीवन कारावास की सजा निलंबित की
  • ₹15 लाख के बॉन्ड पर सशर्त जमानत दी

हालांकि सेंगर अभी जेल में है क्योंकि वह
👉 पीड़िता के पिता की मौत के मामले में 10 साल की सजा भी काट रहा है।

पीड़िता ने कहा—

“अगर ऐसे मामलों में दोषियों को जमानत मिलती है, तो देश की बेटियां कैसे सुरक्षित रहेंगी? यह हमारे लिए मौत जैसा है।”


निष्कर्ष: न्याय से ज्यादा ताकतवर पैसा?

Unnao rape case news केवल एक कानूनी मामला नहीं,
यह न्याय, संवेदना और सत्ता की सोच का आईना है।

जब—

  • पीड़िता को सड़क पर घसीटा जाता है
  • दोषी को राहत मिलती है
  • और जिम्मेदार लोग हंसते हैं

तो सवाल उठता है—
👉 क्या सच में न्याय सबके लिए बराबर है?

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