Chhattisgarh Skill Tech 2025: आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम ने राज्य को निवेश, रोजगार और कौशल के एकीकृत मॉडल के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। यह उद्योग-केंद्रित निवेश आयोजन प्रधानमंत्री सेतु योजना (PM SETU) के तहत निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
💼 13,690 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव, 12,000 से ज्यादा रोजगार
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े निवेशकों के साथ समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए और निवेश आमंत्रण पत्र जारी किए गए।
कुल मिलाकर 13,690 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं, जिनसे राज्य में 12,000 से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। यह निवेश कौशल-आधारित रोजगार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा।
🏭 कौशल-आधारित औद्योगिक विकास की धुरी बना GAIL का मेगा प्रोजेक्ट
इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही GAIL (इंडिया) लिमिटेड का प्रस्तावित गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र।
करीब 10,500 करोड़ रुपये के प्रथम चरण निवेश और 1.27 MMTPA यूरिया उत्पादन क्षमता के साथ यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल और उर्वरक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी।
यह संयंत्र मुंबई–नागपुर–झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (MNJPL) से जुड़ा होगा और राजनांदगांव जिले के बिजेतला क्षेत्र में 400 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित है। साथ ही, 100 एकड़ में आधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएगी।
👷 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार और दीर्घकालिक कौशल मांग
परियोजना के संचालन में आने के बाद लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त तकनीकी सेवाएं, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की निरंतर मांग बनेगी।
यह परियोजना राज्य के स्किल-इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियलाइजेशन मॉडल को वास्तविक रूप देती है।
🗣️ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा—
“छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल निवेश, रोजगार और कौशल को जोड़ने पर आधारित है। स्किल टेक जैसे मंच निवेशकों के विश्वास को ज़मीनी परिणामों में बदल रहे हैं। स्पष्ट नीतियाँ और प्रभावी क्रियान्वयन ही हमारी ताकत हैं।”
🌱 विविध क्षेत्रों में निवेश से मजबूत हुआ कौशल इकोसिस्टम
GAIL के अलावा परिधान एवं वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पैनल निर्माण और अन्य सनराइज़ सेक्टर्स में भी निवेशकों की मजबूत रुचि देखने को मिली।
ये सभी क्षेत्र राज्य की रोजगार-सृजन और कौशल विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं।

🏫 आदित्य बिरला स्किल सेंटर: उद्योग-प्रेरित कौशल मॉडल
कार्यक्रम में जशपुर स्थित आदित्य बिरला स्किल सेंटर को भी एक आदर्श उद्योग-प्रेरित कौशल पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य पारंपरिक और उभरते क्षेत्रों में युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।
📊 निवेश की गति और क्षेत्रीय संतुलन
पिछले एक वर्ष में छत्तीसगढ़ को 200 से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
इनमें से लगभग 50% परियोजनाएं कार्यान्वयन चरण में हैं और 58% निवेश राज्य के प्राथमिक (थ्रस्ट) क्षेत्रों से संबंधित हैं, जो 26 जिलों में फैले हुए हैं।
छत्तीसगढ़ स्किल टेक 2025 राज्य की उस उभरती पहचान को मजबूती देता है, जहाँ औद्योगिक निवेश, कौशल विकास और समावेशी विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह मॉडल न केवल आर्थिक प्रगति को गति देगा, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए दीर्घकालिक और सम्मानजनक आजीविका का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
