Atmanirbhar Bharat Sankalp Abhiyan के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय मध्य मंडल द्वारा स्वदेशी के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक की मुख्य उपस्थिति में तथा मंडल भाजपा अध्यक्ष हरीश चौहान (बंटी) के नेतृत्व में संपन्न हुई।
सिंधु भवन से स्टेशन तक निकली पदयात्रा
आयोजित पदयात्रा सिंधु भवन से प्रारंभ होकर शहीद चौक और स्टेशन रोड होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंची। स्टेशन परिसर में स्वदेशी वस्तुओं के स्टॉल लगाए गए, जहां यात्रियों और आम नागरिकों से स्वदेशी वस्तुएं अपनाने की अपील की गई।
पदयात्रा के दौरान मार्ग में आने वाले व्यापारिक बंधुओं, दुकानदारों और आम जनमानस से भी स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और विक्रय का आह्वान किया गया।
स्वदेशी से ही सशक्त होगा आत्मनिर्भर भारत: सुरेंद्र कौशिक
इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा—
“किसी भी देश की आत्मनिर्भरता और विकास आम जनमानस की सहभागिता से ही संभव है। जब हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाते हैं और ‘वोकल फॉर लोकल’ को व्यवहार में लाते हैं, तभी आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकता है।”
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए भाजपा ने आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत की है।
25 सितंबर से 25 दिसंबर तक चल रहा अभियान
जिला अध्यक्ष ने जानकारी दी कि—
- यह अभियान 25 सितंबर, पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से प्रारंभ हुआ
- और 25 दिसंबर, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती तक चलेगा
उन्होंने कहा कि हाल के त्योहारों में इस बार स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग पहले से अधिक हुआ है, जो आत्मनिर्भर भारत की सोच को मजबूत करता है।

बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में जिला व मंडल स्तर के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
जिला महामंत्री विनोद अरोरा,
आर्थिक प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक शिव चंद्राकर,
जिला उपाध्यक्ष राजीव पांडेय, अशोक राठी,
मंत्री गायत्री वर्मा, गिरेश साहू,
जिला सह कोषाध्यक्ष ध्रुव सचदेव,
युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह,
महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष तृप्ति चंद्राकर,
चिकित्सा प्रकोष्ठ जिला संयोजक डॉ. आदर्श त्रिवेदी,
वरिष्ठ भाजपा नेता विनायक नातू सहित
बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल रहे।
Atmanirbhar Bharat Sankalp Abhiyan के तहत निकाली गई यह पदयात्रा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और जनभागीदारी का सामाजिक संदेश है। जब आम नागरिक स्वदेशी को अपनाएगा, तभी देश आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनेगा।
