छत्तीसगढ़ में हर चौथा शिक्षक पद खाली, विधानसभा में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

CG Teacher Vacancy: छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर सुधारने के तमाम सरकारी दावों के बीच CG Teacher Vacancy एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
विधानसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे साफ तौर पर बताते हैं कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था कर्मियों की भारी कमी से जूझ रही है।


📊 हर चौथा शिक्षक पद खाली, आंकड़े चौंकाने वाले

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव द्वारा विधानसभा में दिए गए लिखित उत्तर के अनुसार—

  • कुल स्वीकृत पद: 1,27,920
  • रिक्त पद: 32,677
  • यानी 25% से अधिक पद खाली

इसका सीधा अर्थ है कि छत्तीसगढ़ में हर चौथा शिक्षक पद खाली है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां होने से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है।


🧑‍🏫 सहायक शिक्षक और शिक्षक पदों की स्थिति

CG Teacher Vacancy के तहत सामने आए आंकड़े बताते हैं—

➤ सहायक शिक्षक

  • स्वीकृत पद: 77,108
  • रिक्त पद: 24,159

➤ शिक्षक

  • स्वीकृत पद: 50,812
  • रिक्त पद: 8,518

➡️ कुल मिलाकर प्रदेश भर में 32,677 शिक्षक पद खाली हैं।

हालांकि, भर्ती को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने जवाब दिया कि “शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता”, जिससे नई भर्ती की समय-सीमा अब भी स्पष्ट नहीं है।


🏫 दुर्ग जिला सबसे ज्यादा प्रभावित

जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो दुर्ग जिला सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आता है।

  • दुर्ग में सहायक शिक्षक के 2,755 स्वीकृत पदों में से 1,397 पद खाली हैं।
  • इसके अलावा बेमेतरा, बालोद, रायगढ़, बस्तर, बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों में भी शिक्षकों की भारी कमी है।

कई जिलों में तो 40 से 60 प्रतिशत तक पद रिक्त पाए गए हैं, जो हालात की गंभीरता को दर्शाता है।


👩‍🎓 बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर

शिक्षक एसोसिएशन के प्रदीप पांडेय का कहना है कि

“एक-एक शिक्षक पर कई कक्षाओं का बोझ है। ऐसे में न तो पढ़ाई की गुणवत्ता बच पा रही है और न ही बच्चों पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जा रहा है।”

ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है।


🗣️ राजनीति भी गरमाई, सरकार पर हमला

छत्तीसगढ़ पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि—

“प्रदेश में 10,400 स्कूल पहले ही बंद किए जा चुके हैं। अब शिक्षकों की कमी से बचे-खुचे स्कूल भी प्रभावित हो रहे हैं।”

उनका आरोप है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बजाय उसे कमजोर कर रही है।


❓ बड़ा सवाल: भर्ती कब होगी?

CG Teacher Vacancy के आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि यदि जल्द शिक्षक भर्ती नहीं हुई, तो इसका सीधा नुकसान लाखों छात्रों के भविष्य को होगा।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
👉 क्या सरकार जल्द नई शिक्षक भर्ती की घोषणा करेगी?
👉 या फिर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे इसी कमी के साथ आगे बढ़ते रहेंगे?


छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था इस वक्त निर्णायक मोड़ पर खड़ी है।
शिक्षक पदों की इतनी बड़ी कमी को नजरअंदाज करना, आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा।