छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सौम्या चौरसिया को कोर्ट ने भेजा रिमांड पर, ED का दावा– 115 करोड़ रुपये पहुंचे

रायपुर।

Chhattisgarh liquor scam Saumya Chourasia arrest: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई तेज हो गई है। बुधवार को अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रह चुकी सौम्या चौरसिया को शुक्रवार तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि उन्हें शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे पुनः पेश किया जाए।

यह मामला अब Chhattisgarh liquor scam Saumya Chourasia arrest के नाम से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है।


🕵️‍♀️ ED ने क्यों की गिरफ्तारी?

प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को सौम्या चौरसिया को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। एजेंसी के अनुसार,
आयकर विभाग द्वारा जब्त एक डायरी में ऐसे लेनदेन दर्ज थे, जिनमें लगभग 43.5 करोड़ रुपये सौम्या चौरसिया को दिए जाने का उल्लेख है।

इसी आधार पर ED ने उन्हें PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत गिरफ्तार किया और अदालत से तीन दिन की कस्टडी रिमांड मांगी।


💰 ED का दावा: 115 करोड़ रुपये तक पहुंचे

अदालत में सुनवाई के दौरान ED के वकील सौरभ कुमार पांडेय ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आया है कि—

  • शराब घोटाले की रकम में से करीब 115 करोड़ रुपये सौम्या चौरसिया तक पहुंचे
  • मुख्य आरोपी के.के. श्रीवास्तव, लक्ष्मी नारायण बंसल और निखिल चंद्राकर ने बयान में यह स्वीकार किया
  • निखिल चंद्राकर ने बताया कि उन्होंने करीब 5 करोड़ रुपये नकद पहुंचाए
  • के.के. श्रीवास्तव ने 72 करोड़ रुपये हवाला के जरिए देने की बात कबूल की

ED के अनुसार, डिजिटल साक्ष्य यह भी दर्शाते हैं कि सौम्या चौरसिया लगातार इस सिंडिकेट के संपर्क में थीं।


⚖️ बचाव पक्ष ने उठाए सवाल

सौम्या चौरसिया की ओर से पेश वकील हर्षवर्धन परगनिया ने ED की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उन्होंने तर्क दिया कि—

  • जिन आरोपियों के बयानों पर ED भरोसा कर रही है, उन्हें गिरफ्तारी वारंट के बावजूद हिरासत में नहीं लिया गया
  • हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, वारंट जारी होने पर गिरफ्तारी अनिवार्य होती है
  • एजेंसी पर गवाहों को संरक्षण देने का आरोप लगाया गया

हालांकि, अदालत ने परमवीर सैनी केस का हवाला देते हुए रिमांड आदेश जारी किया।


🍾 क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?

ED के अनुसार, यह घोटाला 3,200 करोड़ रुपये से अधिक का है।
जांच में आरोप है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में—

  • एक संगठित सिंडिकेट ने शराब कारोबार को नियंत्रित किया
  • इसमें IAS अधिकारी अनिल टुटेजा,
    आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी,
    और व्यवसायी अनवर ढेबर शामिल थे

ED ने इस मामले में EOW और ACB में भी केस दर्ज कराया है।


👤 कौन हैं सौम्या चौरसिया?

  • सौम्या चौरसिया राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) की अधिकारी हैं
  • वे छत्तीसगढ़ सरकार में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं
  • इससे पहले उन्हें कोयला लेवी घोटाले में दिसंबर 2022 में गिरफ्तार किया गया था
  • बाद में जमानत पर रिहा होने के बाद वे बेंगलुरु में रह रही थीं
  • अब उन्हें दोबारा शराब घोटाले में गिरफ्तार किया गया है

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला अब केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा सवाल बन चुका है।
आने वाले दिनों में सौम्या चौरसिया की पूछताछ से इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।