पत्नी पर हसिया से जानलेवा हमला: दुर्ग कोर्ट ने आरोपी पति को 7 साल की सश्रम कैद सुनाई

📍 दुर्ग | न्यायिक रिपोर्ट

wife attack case IPC 307: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में घरेलू हिंसा के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी पति को हत्या के प्रयास (धारा 307 IPC) का दोषी ठहराया है। पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के ग्राम उरला में पत्नी पर धारदार हसिया से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी चंदूलाल साहू को अदालत ने 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।


क्या है पूरा मामला

यह मामला सत्र प्रकरण क्रमांक 125/2021 से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, 31 जनवरी 2021 की रात करीब 9 बजे आरोपी चंदूलाल साहू ने घरेलू विवाद के दौरान अपनी पत्नी हेमलता साहू पर धारदार हसिया से हमला कर दिया।

  • गले और दोनों हाथों पर प्राणघातक वार
  • कमरे का दरवाजा बंद कर हमला
  • जान से मारने की धमकी भी दी

घायल महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच सकी।


भाई की शिकायत से खुला मामला

पीड़िता के भाई मेघनाथ साहू ने थाना पुरानी भिलाई में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि—

  • आरोपी पहले भी पत्नी के साथ मारपीट करता था
  • लॉकडाउन के दौरान विवाद बढ़ा
  • 112 पुलिस को पहले भी हस्तक्षेप करना पड़ा

घटना के बाद आरोपी का छोटा भाई फोन कर सूचना देता है, जिसके बाद परिवार अस्पताल पहुंचता है।


जांच में क्या सामने आया

विवेचना के दौरान—

  • आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया
  • हसिया बरामद किया गया
  • मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि
  • गवाहों और साक्ष्यों से हत्या का प्रयास सिद्ध

न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि यदि समय पर इलाज न मिलता तो पीड़िता की मृत्यु हो सकती थी।


कोर्ट का सख्त फैसला

पीठासीन अधिकारी यशवंत कुमार सारथी ने अपने निर्णय में कहा कि—

“अभियुक्त ने जानबूझकर और पूर्ण ज्ञान के साथ प्राणघातक हमला किया है। यह अपराध अत्यंत गंभीर है, इसलिए नरमी का कोई आधार नहीं बनता।”


सजा का विवरण

  • धारा: 307 IPC (हत्या का प्रयास)
  • सजा: 7 वर्ष सश्रम कारावास
  • जुर्माना: ₹500
  • डिफॉल्ट सजा: 6 माह का साधारण कारावास
  • क्षतिपूर्ति: जुर्माने की राशि पीड़िता को दी जाएगी

न्याय का संदेश

यह फैसला न सिर्फ एक पीड़िता को न्याय देता है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे