Congress Vote Chor Rally: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस ने एक मेगा रैली आयोजित कर केंद्र सरकार और चुनाव प्रक्रिया पर सीधा हमला बोला।
‘Vote Chor, Gaddi Chhod’ के नारे के साथ आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस ने कथित वोट चोरी, चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
यह रैली ऐसे समय में हुई है, जब संसद में भी सरकार और विपक्ष के बीच चुनावी पारदर्शिता को लेकर तीखी बहस देखने को मिली थी।
खड़गे का हमला: “वोट चोरी कर सत्ता में बैठे हैं”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंच से भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि,
“BJP के नेता सिर्फ ड्रामा करते हैं। प्रधानमंत्री संसद सत्र में नहीं आते, लेकिन विदेश दौरे करते रहते हैं। ये लोग वोट चोरी करके सत्ता में बैठे हैं, और अब इन्हें सत्ता से हटाना होगा।”
खड़गे के इस बयान पर कार्यकर्ताओं में जोश साफ दिखाई दिया।
प्रियंका गांधी: “हर कदम पर चुनाव प्रक्रिया संदेह के घेरे में”
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि आज देश में चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रहे।
उन्होंने कहा,
“आज हर चरण पर संदेह है। संविधान ने हर भारतीय को वोट का अधिकार दिया, लेकिन उसी अधिकार को कमजोर किया जा रहा है।”
प्रियंका गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर सरकार का दबाव है और चुनाव आयोग कथित गड़बड़ियों पर आंखें मूंदे हुए है।
चुनाव आयोग और EVM पर सवाल
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पैसे बांटे जाने जैसी शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता है।
उन्होंने कहा,
“अगर चुनाव प्रक्रिया में पैसे बांटे जा रहे हैं और EC चुप है, तो क्या यह वोट चोरी नहीं है?”
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे चुनावी हार से निराश न हों, क्योंकि सच्चाई देश देख रहा है।

राहुल गांधी का तीखा प्रहार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी मंच से BJP, RSS और Election Commission of India पर सीधा हमला बोला।
उन्होंने कहा,
“चुनाव आयोग को याद रखना चाहिए कि वह देश का आयोग है, किसी प्रधानमंत्री का नहीं।”
राहुल गांधी ने RSS प्रमुख के बयान का हवाला देते हुए कहा कि भारत की विचारधारा सत्य पर आधारित है, न कि केवल सत्ता पर।
सियासी तापमान और बढ़ा
कांग्रेस की इस Congress Vote Chor Rally के बाद देश की राजनीति और गरमा गई है।
एक ओर सरकार इन आरोपों को खारिज कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बता रही है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक और तेज होने के संकेत दे रहा है।
