भिलाई निगम ने काउंटर शुल्क बढ़ाया, महापौर परिषद की बैठक में पारित प्रस्ताव से कई आवेदन फार्म महंगे

Bhilai Nigam: भिलाई नगर निगम ने अपनी वित्तीय आय बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न काउंटर आवेदन फार्मों के शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। महापौर परिषद की बैठक में प्रस्तुत प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। परिषद का कहना है कि बदलते प्रशासनिक खर्च और सेवाओं के विस्तार को देखते हुए शुल्क संशोधन आवश्यक था।

यह निर्णय स्थानीय नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई सामान्य सेवाओं के आवेदन फार्म अब पहले से महंगे हो गए हैं। Bhilai Nigam Counter Fees Hike से राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।


कौन-कौन से फार्म के शुल्क बढ़े? नई दरें जारी

महापौर परिषद द्वारा संशोधित शुल्क इस प्रकार हैं—

  • भवन अनुज्ञा पक्का निर्माण फार्म: 20 रुपये
  • भवन अनुज्ञा कच्चा निर्माण फार्म: 10 रुपये
  • बिजली NOC फार्म: 10 रुपये
  • स्वनिर्धारण संपत्तिकर विवरणी फार्म: 10 रुपये
  • ठेकेदारी पंजीयन फार्म: 10 रुपये
  • नामांतरण फार्म (निगम संपत्ति): 50 रुपये
  • लाइसेंस नवीनीकरण हेतु आवेदन: 10 रुपये
  • जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र
    • एक माह से अधिक पर शपथ पत्र + विलंब शुल्क: 10 रुपये
    • एक वर्ष बाद कार्यपालन मजिस्ट्रेट की अनुमति + विलंब शुल्क: 10 रुपये

निगम ने कहा कि शुल्क वृद्धि न्यूनतम स्तर पर रखी गई है ताकि नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।


निविदा और भूखंड/दुकान आवंटन के लिए शुल्क यथावत

Bhilai Nigam Counter Fees Hike: निगम ने स्पष्ट किया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित भूखंड और दुकानों की नीलामी/निविदा के लिए फॉर्म शुल्क योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार लिया जाएगा। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।


निगम का तर्क: आय बढ़ेगी, सुविधाएँ बेहतर होंगी

निगम अधिकारियों का कहना है कि बढ़े हुए शुल्क से—

  • प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ेगी
  • फॉर्म की उपलब्धता और प्रोसेसिंग में सुधार होगा
  • डिजिटल और फिजिकल सेवाओं को और विकसित किया जाएगा

स्थानीय नागरिकों ने भी उम्मीद जताई है कि शुल्क वृद्धि के साथ सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए।


Bhilai Nigam Counter Fees Hike से निगम अब अतिरिक्त राजस्व जुटा सकेगा, जिससे शहर की प्रशासनिक और आधारभूत सेवाओं में सुधार की उम्मीद है। हालांकि नागरिक अब कई आवेदन फार्म के लिए पहले से थोड़ा अधिक शुल्क देंगे, लेकिन निगम का दावा है कि यह वृद्धि जनहित और सेवा विकास के लिए आवश्यक है।