सड़क पर हुड़दंग और कार पर बर्थडे सेलिब्रेशन पर नाराज़ हाईकोर्ट, कहा—जनजागरूकता बढ़ाएँ, नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई हो

Chhattisgarh High Court Road Hooliganism

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक बार फिर सड़क पर हुड़दंग, कार पर बर्थडे सेलिब्रेशन और स्टंटबाजी जैसी बढ़ती घटनाओं को लेकर गहरी नाराज़गी जताई है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता की खंडपीठ ने कहा कि सरकार और पुलिस की जागरूकता के प्रयासों के बावजूद ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो सार्वजनिक सुरक्षा और अनुशासन के लिए गंभीर खतरा हैं।

कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि Chhattisgarh High Court Road Hooliganism से जुड़े मामलों में अब और ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


“हर माध्यम से जागरूकता बढ़ाएँ”—हाईकोर्ट

खंडपीठ ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार, पुलिस और सभी संबंधित एजेंसियाँ:

  • प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया
  • रेडियो प्रसारण
  • प्रमुख स्थलों पर साइनबोर्ड
  • सोशल मीडिया एडवाइजरी
  • सेमिनार, वर्कशॉप और समुदायिक कार्यक्रम

के माध्यम से व्यापक जागरूकता पैदा करें।

कोर्ट ने कहा—
“जनता को यह समझाया जाए कि सार्वजनिक सड़कें जन्मदिन मनाने, पटाखे फोड़ने या खतरनाक स्टंट दिखाने की जगह नहीं हैं। यह न सिर्फ यातायात बाधित करता है बल्कि दूसरों की जान को भी जोखिम में डालता है।”


राज्य के नागरिकों से कोर्ट की अपील: नियमों का पालन करें

Chhattisgarh High Court Road Hooliganism: हाईकोर्ट ने उम्मीद जताई कि नागरिक सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे और जिम्मेदार व्यवहार दिखाएंगे।

कोर्ट ने चेतावनी दी—
“नियम तोड़ने वालों पर न सिर्फ आपराधिक कार्रवाई होगी बल्कि आवश्यकता पड़ने पर ऐसे लोगों पर कोर्ट अवमानना के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।”


दो वायरल घटनाओं से शुरू हुई कार्रवाई

Chhattisgarh High Court Road Hooliganism: इस साल की शुरुआत में कोर्ट ने दो घटनाओं पर सुओ-मोटो संज्ञान लिया था—

1️⃣ बिलासपुर का रिवर-व्यू वीडियो

एक युवक कार के बोनट पर बैठकर यह कहते दिखा—
“मेरा इलाके में दबदबा है, कोई मुझे छू नहीं सकता।”

2️⃣ कोरिया जिले के BMO की हरकत

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ने नेशनल हाईवे पर पटाखे फोड़कर जन्मदिन मनाया, जिससे सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ गईं।

इन दोनों मामलों पर कोर्ट ने मुख्य सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा माँगा था।


सरकार की कार्रवाई: वाहन जब्त, लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया

Chhattisgarh High Court Road Hooliganism: मुख्य सचिव द्वारा दायर हलफनामे में बताया गया कि—

  • सभी संबंधित वाहनों को जब्त किया गया
  • BMO के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई शुरू
  • विभागीय जांच भी प्रस्तावित
  • सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों को तेज किया गया

हालाँकि हाईकोर्ट ने कहा कि इन सबके बावजूद घटनाएँ रुक नहीं रही हैं, इसलिए सख्ती बढ़ाई जाए।


अगली सुनवाई 19 दिसंबर को

Chhattisgarh High Court Road Hooliganism: हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि जब्त किए गए वाहन बगैर कोर्ट की अनुमति के रिलीज नहीं किए जाएँगे। मामला अब 19 दिसंबर 2025 को फिर सुना जाएगा।


Chhattisgarh High Court Road Hooliganism पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि सड़कें सार्वजनिक उपयोग के लिए हैं, न कि निजी जश्न और खतरनाक स्टंट के लिए। न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद अब राज्य सरकार और पुलिस पर सख्त कार्रवाई और व्यापक जागरूकता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आ गई है।