बालोद। छत्तीसगढ़ का बालोद जिला इतिहास रचने जा रहा है, क्योंकि यहां पहली बार International Scout Guide Jamboree Balod का भव्य आयोजन होगा। 9 से 14 जनवरी 2026 तक मालीघोरी मैदान में होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय जंबूरी स्काउट-गाइड संगठन की 75वीं वर्षगांठ को समर्पित होगा। तैयारियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों और स्वयंसेवकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
12 हजार प्रतिभागियों के साथ बनेगा विश्वस्तरीय माहौल
कार्यक्रम की विशालता इसी बात से समझी जा सकती है कि इसमें देश-विदेश से करीब 12 हजार स्काउट और गाइड शामिल होंगे। मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह छाबड़ा ने स्थल निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि विदेशी प्रतिनिधियों की भी विशेष भागीदारी होगी, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय समागम में बदल जाएगा।
15–25 वर्ष के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
International Scout Guide Jamboree Balod युवाओं के लिए सीखने और खुद को विकसित करने का बड़ा मंच बनेगा। इसमें 15 से 25 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागी शामिल होंगे।
राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होने के कारण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और कई विशिष्ट अतिथि शामिल होने की संभावना है।

मालीघोरी मैदान बनेगा अस्थायी शहर
6 दिन के इस आयोजन के लिए मालीघोरी मैदान को अस्थायी शहर का रूप दिया जा रहा है। सुविधाओं में शामिल होंगे—
- 12 विशाल पंडाल
- बिजली और पेयजल व्यवस्था
- सैकड़ों शौचालय
- संचार केंद्र
- मेडिकल सुविधा
- पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था
साथ ही एक बड़ा अस्थायी स्टेडियम भी बनाया जा रहा है, जहां सांस्कृतिक और औपचारिक कार्यक्रम होंगे। तैयारियों का दायरा इतना बड़ा है कि पूरा क्षेत्र दिनोंदिन एक अंतरराष्ट्रीय कैंपस जैसा दिखाई देने लगा है।
स्थानीय सहयोग से बन रहा ऐतिहासिक आयोजन
जंबूरी आयोजन समिति स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों और ग्रामीणों के सहयोग से जुटी है। सभी की भागीदारी इसे अब तक का सबसे बड़ा स्काउट-गाइड सम्मेलन बनाने में मदद कर रही है। बालोद जिला पहली बार इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी का गवाह बनेगा, जो क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है।
स्काउट-गाइड गतिविधियों से नई पीढ़ी में नेतृत्व और सेवा भाव का विकास
स्काउट-गाइड संगठन का उद्देश्य युवाओं में चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और समाज सेवा की भावना विकसित करना है। इस जंबूरी में—
- कैंपिंग
- सामुदायिक सेवा
- कौशल प्रशिक्षण
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान
- अंतरराष्ट्रीय सहभागिता
जैसी गतिविधियाँ शामिल होंगी, जो प्रतिभागियों के भविष्य को नई दिशा देंगी।
International Scout Guide Jamboree Balod 2026 न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का प्रतीक बनकर उभर रहा है।
