राजनांदगांव में डिजिटल अरेस्ट की बड़ी ठगी: अमेरिकी रिटर्न महिला से 80 लाख की साइबर लूट, राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में digital arrest cyber fraud का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने एक अमेरिकी रिटर्न रिटायर्ड नर्स को वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर 80 लाख रुपए की ठगी कर ली। कोतवाली थाना क्षेत्र की सनसिटी निवासी पीड़िता ने जब मामले की शिकायत की, तो पूरा घटनाक्रम सामने आया।


अमेरिका में नर्स रह चुकी पीड़िता को बनाया निशाना, वीडियो कॉल पर दिखाया फर्जी कोर्ट सेटअप

digital arrest cyber fraud: रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में नर्स रह चुकी महिला रिटायरमेंट के बाद राजनांदगांव में रहने लगी थीं। साइबर अपराधियों ने उन्हें फोन कर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और कहा कि उनका नाम एक गंभीर केस में शामिल हो गया है।
इसके बाद अपराधियों ने वीडियो कॉल के जरिए उन्हें फर्जी कोर्टरूम, जज और पुलिस अफसरों का सेटअप दिखाया। डर और तनाव में आ चुकी पीड़िता अपराधियों की बातों में आ गईं।

अपराधियों ने दावा किया कि वह यदि पैसा ट्रांसफर कर दें, तो उन्हें 30% अतिरिक्त रकम के साथ पैसा वापस कर दिया जाएगा। इसी झांसे में पीड़िता ने लगभग 80 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए


पैसा भेजने के बाद हुआ ठगी का एहसास, पुलिस ने तुरंत शुरू की कार्रवाई

digital arrest cyber fraud: राशि भेजने के बाद जब किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई, तब महिला को एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की और तकनीकी विश्लेषण के बाद राजस्थान से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।


40 वर्षीय राधेश्याम गिरफ्तार, हरियाणा के बैंकों से निकाले गए पैसे

digital arrest cyber fraud: गिरफ्तार आरोपी की पहचान 40 वर्षीय राधेश्याम के रूप में हुई है। एडिशनल एसपी राहुल देव शर्मा ने बताया कि आरोपी और उसके साथी हरियाणा के विभिन्न बैंकों से चेक और एटीएम के माध्यम से ठगे गए पैसे निकालते थे।
फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।


साइबर पुलिस ने दी सावधानी की अपील

राजनांदगांव पुलिस ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि—

  • डिजिटल अरेस्ट जैसी अवधारणा पूरी तरह फर्जी होती है।
  • कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर पूछताछ या भुगतान नहीं मांगती।
  • अज्ञात नंबरों से आने वाली धमकी भरी कॉल तुरंत पुलिस को बताएं।

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