रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित DGP-IGP कॉन्फ्रेंस आज रविवार को अपने अंतिम चरण में पहुंच गया। तीन दिनों से चल रहे इस राष्ट्रीय सम्मेलन के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हाई-लेवल बैठक हो रही है। इस बैठक में विकसित भारत की सुरक्षा, आतंकवाद, नक्सलवाद और साइबर अपराध जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन होगा।
यह रणनीतिक बैठक DGP-IGP conference Raipur को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम बना देती है।
देशभर के DGP ने रखे अपने सुरक्षा मॉडल
DGP-IGP conference Raipur: 28 नवंबर से शुरू हुई इस कॉन्फ्रेंस में देशभर के सभी राज्यों के DGP और IGP शामिल हुए हैं। चर्चा के दौरान विभिन्न राज्यों ने अपने-अपने
- ड्रग तस्करी मॉड्यूल,
- हथियार तस्करी नेटवर्क,
- इंटेलिजेंस स्ट्रेंथनिंग मॉडल,
- नई टेक्नोलॉजी आधारित पुलिसिंग सिस्टम
को साझा किया।
साथ ही, फाइनेंशियल फ्रॉड, डिजिटल क्राइम और साइबर सुरक्षा पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
12 घंटे तक चला मैराथन सेशन
DGP-IGP conference Raipur: शनिवार को रायपुर IIM में आयोजित बैठक सुबह 8 बजे शुरू हुई और देर शाम तक बिना रुके चलती रही।
पहले सत्र में विदेशी फंडिंग के जरिए देश-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क पर गंभीर चर्चा हुई। सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए अपने इनपुट और रणनीति साझा की।
अगले सत्रों में
- ड्रोन तकनीक से खतरे,
- डार्कनेट पर आपराधिक गतिविधियां,
- AI आधारित साइबर हमले,
- और आंतरिक सुरक्षा ढांचे
की समीक्षा की गई।
PM मोदी नेतृत्व में मिलेगा नई सुरक्षा दिशा का खाका
आज अंतिम दिन प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में
- Developed India Security Dimensions,
- नक्सलवाद उन्मूलन,
- आतंकवाद विरोधी कार्रवाई,
- साइबर क्राइम प्रिवेंशन
जैसे विषयों पर नीतिगत समीक्षा की जाएगी।
यह बैठक देश की सुरक्षा संरचना को मजबूत करने के लिए भविष्य की दिशा तय करने वाली साबित होगी।
