नवा रायपुर में 200 एकड़ में बन रही मेडिसिटी: मध्य भारत की सबसे बड़ी स्वास्थ्य क्रांति, 5,000 बेड और मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाएंगे नया हेल्थ हब

रायपुर, 29 नवम्बर 2025।
Nava Raipur Medisity Chhattisgarh: वर्ष 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही ‘मेडिसिटी’ परियोजना न केवल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को बदलने जा रही है, बल्कि मध्य भारत के सबसे बड़े हेल्थकेयर हब के रूप में उभर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में यह परियोजना भारत की सबसे महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य पहल के रूप में तेजी से आकार ले रही है।


🔹 नवा रायपुर बनेगा हेल्थकेयर की राजधानी

शिक्षा, परिवहन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से पहले ही समृद्ध नवा रायपुर अब स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में भी देश का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। एयरपोर्ट, व्यापक सड़क नेटवर्क और मजबूत रेलवे कनेक्टिविटी इसे:

  • छत्तीसगढ़
  • ओडिशा
  • मध्यप्रदेश
  • झारखंड
  • आंध्रप्रदेश
  • तेलंगाना
  • उत्तरप्रदेश
  • महाराष्ट्र

के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्रीय गंतव्य बना रही है।
हर साल 7 करोड़ से अधिक यात्री यहां से यात्रा करते हैं, और जल्द शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें मेडिकल टूरिज्म को नई दिशा देंगी।


🔹 200 एकड़ में 5,000 बेड और देश के शीर्ष अस्पतालों की भागीदारी

सेक्टर 36–37 में स्थापित हो रही मेडिसिटी में:

  • 5,000+ बेड क्षमता वाले सुपर–स्पेशियलिटी अस्पताल
  • कार्डियोलॉजी, कैंसर साइंस, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और ऑर्गन ट्रांसप्लांट यूनिट
  • अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक लैब
  • मेडिकल यूनिवर्सिटी
  • नर्सिंग कॉलेज
  • रिसर्च इंस्टीट्यूट

जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।

इससे छत्तीसगढ़ में पहली बार एक ही स्थान पर अत्याधुनिक चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान का एकीकृत मॉडल विकसित होगा।


🔹 ‘वॉक-टू-हॉस्पिटल’ मॉडल और मरीजों के लिए मानव–केंद्रित सुविधाएँ

मरीजों और परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेडिसिटी में:

  • आवासीय परिसर
  • छात्रावास
  • होटल
  • धर्मशाला
  • पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन
  • सार्वजनिक परिवहन की सहज उपलब्धता

जैसी सुविधाएँ तैयार की जा रही हैं।
पीएमजेएवाई और सीजीएचएस जैसी योजनाओं के माध्यम से किफायती इलाज इस परियोजना को पूरी तरह समावेशी बनाता है।


🔹 पहले से सक्रिय दुनिया–स्तरीय संस्थान दे रहे हैं मजबूत आधार

नवा रायपुर में पहले से संचालित उत्कृष्ट संस्थान इस मेडिकल सिटी को और मजबूती दे रहे हैं:

✔ श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल

2012 से बाल हृदय उपचार का अंतरराष्ट्रीय केंद्र, जहाँ
भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और कई अफ्रीकी देशों से मरीज इलाज के लिए आते हैं।

✔ बालको कैंसर हॉस्पिटल

2018 से संचालित 170 बेड का यह अस्पताल
500–600 किमी के दायरे में कैंसर उपचार का सबसे उन्नत केंद्र है।

रायपुर का स्वच्छ वातावरण और कम जीवनयापन लागत इसे मरीजों के लिए और आकर्षक बनाते हैं।


🔹 नवा रायपुर मेडिसिटी: रोजगार, अर्थव्यवस्था और हेल्थ इकोनॉमी का नया इंजन

मेडिसिटी केवल स्वास्थ्य सुविधा नहीं, बल्कि एक विशाल आर्थिक केंद्र भी बनेगी। इससे:

  • स्वास्थ्य
  • फार्मा
  • वेलनेस
  • मेडिकल रिसर्च
  • सपोर्ट सेवाएँ

जैसे क्षेत्रों में हजारों रोजगार उत्पन्न होंगे।

इसके आसपास विकसित होने वाले आवास, व्यवसाय और शैक्षणिक गतिविधियाँ राज्य की जीडीपी को नई ऊँचाई देंगी।


🗣 वित्त मंत्री ओपी चौधरी का बयान

“नवा रायपुर मेडिसिटी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और समाज को आने वाले दशकों तक नई रफ्तार देगी। स्वास्थ्य, वेलनेस, शिक्षा और सेवा क्षेत्रों में हजारों रोजगार सृजित होंगे। यह सस्ती, सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने का राष्ट्रीय मॉडल बनेगी।”


🗣 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश

“मेडिसिटी मध्य भारत के लिए स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत है। यह परियोजना न केवल उपचार बल्कि मेडिकल शिक्षा, रिसर्च और मेडिकल टूरिज्म को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर भारत के विकसित भविष्य की मजबूत नींव बनेगी।”