नई दिल्ली Tata Electronics expansion। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र में बड़ी हलचल है। Tata Electronics अगले छह महीनों में अपनी मैनपावर को 60,000 से बढ़ाकर 75,000 करने की तैयारी में है। इससे कंपनी भारत में Foxconn की हेडकाउंट क्षमता के बराबर पहुंच सकती है।
यह बढ़त सीधे तौर पर Apple की तेज़ उत्पादन बढ़ोतरी और EMS (Electronics Manufacturing Services) की मजबूत मांग का नतीजा है।
Apple की iPhone एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड उछाल
इस वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में भारत से iPhone निर्यात $10 बिलियन तक पहुंच गया—यह पिछले वर्ष की तुलना में 75% की बढ़ोतरी है।
यही वजह है कि Apple के सप्लाई चेन पार्टनर अपने उत्पादन और वर्कफोर्स को लगातार बढ़ा रहे हैं।
“Tata Electronics is ramping up rapidly” — उद्योग सूत्र
एक अधिकारी ने बताया—
“Apple की मांग इतनी तेज है कि Tata Electronics तेजी से विस्तार कर रही है। आने वाले महीनों में Foxconn के बराबर हेडकाउंट रखना कंपनी की प्राथमिकता है।”
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार यह पहला मौका है जब कोई भारतीय कंपनी ग्लोबल वैल्यू चेन (GVC) में Apple जैसे दिग्गज के स्तर पर इतनी बड़ी भूमिका निभा रही है।
राजस्व में गजब की छलांग
FY25 में Tata Electronics की आय ₹66,601 करोड़ रही, जो पिछले साल के ₹3,752 करोड़ से कई गुना अधिक है।
यह उछाल बताता है कि कंपनी अब टाटा समूह के लिए एक मुख्य स्तंभ बन चुकी है।
स्किल्ड मैनपावर: सबसे बड़ी चुनौती
तेज़ी से विस्तार के बीच एक चुनौती लगातार खड़ी है—स्किल्ड टैलेंट की कमी।
“कंपनी को पर्याप्त प्रशिक्षित लोग नहीं मिल पा रहे” — उद्योग सूत्र
एक अधिकारी ने कहा—
“जैसे-जैसे स्केल बढ़ता है, कंपनी को महसूस हो रहा है कि टैलेंट, पानी, बिजली और संसाधनों पर ज्यादा रणनीतिक सोच की जरूरत है।”
विशेषज्ञों के अनुसार—
- स्किल गैप 16.9% तक बढ़ने का अनुमान
- हर साल 20 लाख प्रशिक्षित वर्कर्स की कमी
- इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों का IT सेक्टर की ओर पलायन
- कंपनियों द्वारा तकनीशियन ट्रेनिंग पर कम निवेश
स्टाफिंग एजेंसी CIEL HR के CEO आदित्य नारायण मिश्र ने कहा—
“हमारे स्किलिंग संस्थान कंपनियों की रफ्तार पकड़ नहीं पा रहे।”
उद्योग अभी विकास-प्रक्रिया के शुरुआती चरण में
फ़ील्ड विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण उद्योग परिपक्व नहीं होता, attrition और स्किल गैप बनते रहेंगे।
Foxconn की तेजी से बढ़ती मौजूदगी
Apple के सबसे बड़े वैश्विक निर्माता Foxconn भी भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है।
देवनहल्ली (कर्नाटक) प्लांट में—
- अभी हेडकाउंट: लगभग 25,000
- अगले साल लक्ष्य: 30,000
चेन्नई प्लांट में Foxconn पहले ही 40,000 कर्मचारियों को रोजगार दे रहा है।
हैदराबाद में भी कंपनी का मजबूत ऑपरेशन मौजूद है।
भारत बन रहा है Apple का प्रमुख निर्माण केंद्र
Tata Electronics और Foxconn दोनों के विस्तार से साफ है कि—
- Apple भारत को बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है
- भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में भारी रोजगार और निवेश आने वाला है
