पुतिन का बड़ा बयान: “यूक्रेन अगर पीछे हटे तो युद्ध रोक देंगे” — ट्रंप के 28-सूत्रीय शांति प्रस्ताव पर रूस की अहम प्रतिक्रिया

रूस–यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर हलचल बढ़ गई है। डोनाल्ड ट्रंप के 28-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को लेकर जारी बातचीत के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार (27 नवंबर) को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि रूस युद्ध रोक सकता है, लेकिन केवल तब जब यूक्रेन उन क्षेत्रों से पीछे हट जाए जिन्हें रूस अपना मानता है

“यूक्रेन हट जाए तो लड़ाई बंद होगी”— पुतिन ने रखी शर्त

किर्गिज़स्तान दौरे के दौरान पुतिन ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“अगर यूक्रेनी बल उन इलाकों से हट जाएं, तो हम लड़ाई रोक देंगे। अगर नहीं हटे, तो हम सैन्य तरीकों से अपना लक्ष्य हासिल करेंगे।”

यह बयान सीधे-सीधे यूक्रेन पर दबाव डालने जैसा माना जा रहा है।

ट्रंप का 28-सूत्रीय प्लान रूस को मिला ‘बेसिस’ का संकेत

पुतिन ने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका और यूक्रेन के बीच जिन शांति मसौदों पर चर्चा हुई, उन्हें रूस ने भी ध्यान से अध्ययन किया है।

उन्होंने कहा—
“अलास्का यात्रा से पहले हमने इसे अमेरिकी वार्ताकारों के साथ चर्चा की। उसके बाद 28-सूत्रीय सूची बनाई गई। हम मानते हैं कि इसे भविष्य के समझौतों के आधार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।”

हालाँकि पुतिन ने यह भी जोड़ा कि
“अभी अंतिम मसौदे पर कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी।”

रूस ‘खिंचता रहेगा’ बातचीत— पूर्व अमेरिकी अधिकारी का दावा

हाल ही में पूर्व NSC निदेशक जेफ़्री एडमंड्स ने दावा किया कि ट्रंप के प्रस्ताव में कई ऐसे बिंदु हैं जिनसे रूस कभी सहमत नहीं होगा।

उन्होंने CNN से बातचीत में कहा—
“रूस इस समझौते को लंबा खींचने की कोशिश करेगा। उनके पास युद्ध रोकने का कोई तत्काल प्रोत्साहन नहीं है।”

उनका मानना है कि केवल तभी रूस समझौते की तरफ बढ़ेगा,
“जब क्रेमलिन को लगेगा कि वह अपने लक्ष्य सैन्य रूप से हासिल नहीं कर सकता।”

जिनेवा बैठक को बताया गया ‘सबसे उत्पादक’

उधर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जिनेवा में यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक को
“अब तक की सबसे उत्पादक और अर्थपूर्ण बातचीत” बताया है।

उन्होंने कहा कि बातचीत आगे बढ़ाने के लिए एक-दो घंटे में टीम वापस आएगी।

यह संकेत देता है कि शांति वार्ता की प्रक्रिया अभी जारी है, लेकिन इसका भविष्य अनिश्चित है।