छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर का बड़ा एक्शन: 796 बकायादारों की बिजली GPS से कटाई, पहले दिन 28 लाख की वसूली

छत्तीसगढ़ में बिजली वितरण व्यवस्था अब पूरी तरह स्मार्ट तकनीक की ओर बढ़ रही है। बिलासपुर ओएंडएम सर्किल में सोमवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने बकायादारों को हिलाकर रख दिया। Chhattisgarh smart meter action के तहत 796 बकायादारों की बिजली एक ही क्लिक में GPS से ऑफिस से बंद कर दी गई।

सुबह करीब 10 बजे जैसे ही रायपुर स्थित स्मार्ट मीटर सर्वर रूम से कनेक्शन कटे, बिलासपुर, मुंगेली और पेण्ड्रा के कई घरों और दुकानों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। कुछ ही मिनटों में बकायादार बिजली कार्यालय पहुंचने लगे। कई लोग हैरान थे, कई चिंतित और कुछ नाराज़ भी। लेकिन समाधान सिर्फ एक था—बकाया बिल जमा करना।


🧾 पहले ही दिन 260 बकायादारों ने जमा किए 28 लाख रुपये

कार्रवाई का असर तुरंत दिखा।
पहले ही दिन 260 उपभोक्ताओं ने ऑफिस पहुंचकर बकाया बिल जमा किए, और कंपनी ने उनका कनेक्शन फिर से जोड़ दिया।
कुल वसूली राशि 28 लाख रुपये रही।

अधिकारियों ने बताया कि यह तो शुरुआत है। बाकी बकायादारों को भी भुगतान के बाद ही बिजली कनेक्शन मिल पाएगा। बिना भुगतान के कनेक्शन जोड़ने पर अभी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


🛰️ स्मार्ट मीटर: घर बैठे रीडिंग, GPS से डिस्कनेक्शन

कंपनी पिछले कुछ समय से पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा रही है। इन मीटरों की कई खूबियाँ हैं—

  • GPS से ऑपरेट
  • बिना घर गए रीडिंग दर्ज
  • बिल ऑनलाइन तैयार
  • मीटर में छेड़छाड़ होते ही अलर्ट
  • खपत कम होने पर चेतावनी
  • आगे चलकर प्री-पेड मीटर बनाने की योजना

यानी भविष्य में बिजली उसी तरह रिचार्ज करके मिलेगी जैसे मोबाइल रिचार्ज होता है। इससे बकाया वसूली की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी।


⚠️ कनेक्शन काटने से पहले दिया गया था अल्टीमेटम

कंपनी ने बताया कि किसी भी उपभोक्ता की बिजली सीधे नहीं काटी जाती।

  • लगातार 3 दिन SMS भेजे जाते हैं
  • बिल जमा न करने पर ही GPS डिस्कनेक्शन किया जाता है

इसके बाद भी भुगतान न होने पर ही कार्रवाई होती है। कंपनी ने साफ कहा है कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।


🚨 बिना भुगतान कनेक्शन जोड़ने पर FIR

कंपनी ने चेतावनी दी है कि—

  • बिना बिल भुगतान कनेक्शन नहीं जुड़ेगा
  • जबरन बिजली जोड़ने पर FIR दर्ज होगी

यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि बकायादारी पर लगाम लगाई जा सके और बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रखी जा सके।