दिल्ली में 25 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश: गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर सरकारी दफ्तर और स्कूल बंद, जानें क्या खुलेगा-क्या रहेगा बंद

नई दिल्ली, 24 नवंबर। दिल्ली सरकार ने 25 नवंबर, मंगलवार को गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी दिवस पर राजधानी में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। पहले इसे प्रतिबंधित अवकाश की सूची में रखा गया था, लेकिन अब इसे पूर्ण सरकारी अवकाश के तौर पर मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा—
“गुरु साहिब का साहस, करुणा और धार्मिक स्वतंत्रता का संदेश हमें हमेशा मार्गदर्शन देता रहे।”

इस महत्वपूर्ण अवसर पर दिल्ली में सरकारी दफ्तरों से लेकर स्कूलों तक कई संस्थान बंद रहेंगे, जबकि जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी।


क्या बंद रहेगा और क्या खुलेगा? — 25 नवंबर का पूरा अपडेट

1. सरकारी दफ्तर

दिल्ली सरकार के सभी विभाग और कार्यालय मंगलवार को बंद रहेंगे।

2. स्कूल और कॉलेज

सभी सरकारी स्कूल बंद रहेंगे।
कई निजी स्कूलों ने भी छुट्टी की घोषणा कर दी है।

3. सार्वजनिक परिवहन

दिल्ली मेट्रो, DTC बसें, क्लस्टर बसें, टैक्सी और ऑटो सामान्य रूप से संचालित होंगे।
यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।

4. अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएं

सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन और नियमित सेवाएं पहले की तरह उपलब्ध रहेंगी।

5. बैंक

भारतीय रिज़र्व बैंक की क्षेत्रीय छुट्टी सूची के अनुसार,
सभी सरकारी और निजी बैंक 25 नवंबर को खुले रहेंगे।
ग्राहक सामान्य बैंकिंग कार्य कर सकेंगे।


शहीदी दिवस का महत्व

गुरु तेग बहादुर, सिख धर्म के नवें गुरु, का बलिदान दिवस 1675 में हुई उनकी शहादत की याद में मनाया जाता है।
उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, जो भारत के इतिहास में एक अमर अध्याय है।


रेलवे ने शुरू की श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेनें

शहीदी दिवस के मद्देनज़र, भारतीय रेल ने श्रद्धालुओं के लिए दो विशेष ट्रेनें शुरू की हैं—

  • पटना साहिब से
  • पुरानी दिल्ली से

दोनों ट्रेनें 22 नवंबर से संचालित हो रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रमों में भाग ले सकें।


लाल किले में तीन दिवसीय भव्य आयोजन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली और देशभर के लोगों को 23 से 25 नवंबर तक लाल किले में आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रमों में शामिल होने का आमंत्रण दिया है।
यह आयोजन गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहादत को समर्पित है।

उनके अनुसार, “यह सिर्फ दिल्ली ही नहीं, पूरे देश के लिए गर्व का मौका है।”