रायपुर, 16 नवम्बर 2025
किसानों की सुविधा और धान खरीदी प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने के लिए कोरिया जिले के सोनहत अनुविभाग में इस बार एक नई पहल की गई है। कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी के निर्देश पर खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों में ‘कृषक सहायता केंद्र’ स्थापित किए गए हैं। यह कदम किसानों को तकनीकी दिक्कतों और दस्तावेज़ी प्रक्रियाओं से राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
⭐ किसानों की जरूरतों को समझकर तैयार की गई पहल
धान बेचने आए कई किसान अक्सर एग्रीस्टैक, एकीकृत किसान पोर्टल, रकबा संशोधन और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर परेशान रहते हैं। ऐसे ही मुद्दों को पहचानते हुए प्रशासन ने इन सहायता केंद्रों की शुरुआत की, ताकि किसानों को समय पर और सही समाधान मिल सके।
इन केंद्रों पर कृषि समितियों के अंतर्गत आने वाले हलकों के पटवारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। इससे दस्तावेज़ सत्यापन और तकनीकी मार्गदर्शन तुरंत उपलब्ध हो पाता है, जिससे किसान घंटों की परेशानी से बच जाते हैं।
⭐ कृषक सहायता केंद्रों से किसानों को कैसे मिलेगी मदद?
इन नए केंद्रों के माध्यम से किसानों को—
- पंजीयन में सहायता
- दस्तावेज़ सत्यापन
- तकनीकी मार्गदर्शन
- उपार्जन प्रक्रिया की समस्याओं का तत्काल समाधान
मिलेगा।
कई गांवों के किसान सुबह-सुबह केंद्रों पर पहुंच रहे हैं और अपने मोबाइल, बैंक अपडेट और रकबा संबंधी दिक्कतों का समाधान आसानी से पा रहे हैं।
⭐ खरीदी प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी
प्रशासन का कहना है कि यह कदम धान खरीदी को न सिर्फ किसान हितैषी बनाएगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल भी कर देगा।
कई किसानों ने बताया कि सहायता केंद्र से उन्हें पहली बार “बिना किसी परेशानी के पूरा मार्गदर्शन” मिला है। इससे खरीदी केंद्रों में होने वाली भीड़ और अव्यवस्था भी कम होने की उम्मीद है।
