रायपुर में स्ट्रीट क्राइम बेकाबू: 10 माह में 1000 से ज्यादा मामले, रात होते ही सक्रिय हो जाते हैं बदमाश

रायपुर। राजधानी रायपुर में स्ट्रीट क्राइम लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि शाम होते ही बदमाश सड़कों पर सक्रिय होने लगते हैं—कहीं मोबाइल लूट लिए जाते हैं, तो कहीं चाकू दिखाकर जबरन वसूली की जाती है। शहर के घनी आबादी वाले मोहल्लों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक, लोग असुरक्षा की भावना से जूझ रहे हैं।

पिछले 10 महीनों में रायपुर में 1000 से ज्यादा मामलों में लूट, झपटमारी, चाकूबाजी और गुंडागर्दी की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। अधिकांश वारदातें देर रात के दौरान हुई हैं, जिससे आम नागरिकों में लगातार भय बना हुआ है।


हर तीसरे दिन गुंडागर्दी की वारदात, आम लोगों में दहशत

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर का माहौल पहले जैसा सुरक्षित नहीं रहा। स्टूडेंट्स, नौकरीपेशा लोग और महिलाएँ सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। रात के समय निकलना कई बार जोखिमभरा साबित हो रहा है। नशा करने वालों के ठिकाने भी शहरभर में बढ़ गए हैं, जिससे अपराधियों को गलत गतिविधियों को अंजाम देने में आसानी मिल रही है।


छात्रा का मोबाइल झपटकर फरार — टैगोर नगर की घटना

12 नवंबर को कोतवाली थाना क्षेत्र में ट्यूशन से घर लौट रही छात्रा अलफिया गनी का मोबाइल बाइक सवार दो बदमाश छीनकर फरार हो गए।
घटना शाम करीब 6:35 बजे की है। छात्रा दहशत में आ गई, जबकि बदमाश बिना डर तेजी से भाग निकले। यह वारदात शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।


ड्राइवर से चाकू दिखाकर 5,000 रुपये लूटे — देवेंद्र नगर में हमला

7 नवंबर की रात, देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र के पंडरी दुर्गा नगर में निर्माणाधीन भवन के पास हाइवा ड्राइवर ढालेंद्र कुमार साहू के साथ मारपीट की गई।
कुछ युवक बाइक पर आए, पहले गाली-गलौज की, फिर हाइवा में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद अर्जुन जगत और उसके साथी मौके पर पहुँचे और ड्राइवर को चाकू दिखाकर 5,000 रुपये लूटकर भाग निकले।


रात 8:30 बजे युवक पर चाकू से हमला — फाफाडीह में रंगदारी

3 अक्टूबर को राकेश यादव अपनी बाइक से गुजर रहे थे। तभी दो बदमाश—आयुष ठाकुर और उसके साथी—ने राकेश को रोककर पैसों की मांग की। जब उन्होंने पैसा देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने उनकी जांघ में चाकू मार दिया और फरार हो गए।
राकेश गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया।


पान दुकानों में खुलेआम बिक रहा नशे का सामान

शहर के कई पान दुकानों में गांजा पीने में इस्तेमाल होने वाला गोगो खुलेआम बिक रहा है। देर रात तक इन दुकानों पर नशाखोरों का जमावड़ा लगता है। पुलिस की कार्रवाई का अभाव अपराधियों को और बढ़ावा दे रहा है।

तालाबों के किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर भी बदमाश देर रात शराब और गांजा पीते देखे जाते हैं। नशे में धुत ये युवक अक्सर लूटपाट, धमकी और रंगदारी जैसे अपराधों में शामिल पाए जाते हैं।


रायपुर में अपराध पर लगाम लगाने की जरूरत

लगातार बढ़ते अपराधों ने राजधानी के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शहर में पुलिस गश्त बढ़ाने, नशे के अड्डों पर सख्त कार्रवाई करने और पान दुकानों की नियमित जांच की मांग उठ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को रात के समय निगरानी कड़ी करनी होगी, वरना स्थिति और बिगड़ सकती है।