धमतरी में ठंड बढ़ते ही बच्चों में निमोनिया के केस बढ़े, सितंबर से अब तक 32 बच्चे भर्ती — डॉक्टरों ने दी सावधानी की सलाह

जैसे-जैसे धमतरी में ठंड का दौर तेज हो रहा है, Dhamtari children pneumonia cases लगातार बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में सितंबर से अब तक निमोनिया से पीड़ित 32 बच्चे भर्ती किए गए। अच्छी बात यह है कि सभी बच्चों को समय पर इलाज मिलने से वे स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

बच्चों की कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण सर्दी का मौसम हर साल उनके लिए चुनौती बनकर आता है। इस बार भी ठंड शुरू होते ही वायरल फीवर, खांसी और बुखार के केस तेजी से सामने आ रहे हैं।


🔹 हर महीने 210 से ज्यादा बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे

जिला अस्पताल के अनुसार, प्रतिमाह 210 से अधिक बच्चे निमोनिया और एनीमिया जैसी समस्याओं के साथ भर्ती हो रहे हैं।

बच्चों का इलाज शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश देवांगन और डॉ. रविकिरण शिंदे के निर्देशन में किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी बढ़ने पर बच्चों का शरीर जल्दी प्रभावित होता है, इसलिए खान-पान और गर्म कपड़ों पर विशेष ध्यान जरूरी है।


🔹 डॉक्टर बोले: समय पर इलाज जरूरी, वरना स्थिति बिगड़ सकती है

डॉ. अखिलेश देवांगन ने बताया कि ब्रोंकाइटिस निमोनिया में फेफड़ों में कफ जम जाता है। फेफड़ों में इंफेक्शन होने के कारण बच्चों को सांस लेने में दिक़्क़त होने लगती है।

उन्होंने कहा—
“अगर शून्य से 5 साल तक के बच्चों में सर्दी, खांसी या बुखार दिखे, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच कराएं। देरी स्थिति को गंभीर बना सकती है।”

अस्पताल में इस समय वायरल फीवर और एनीमिया से पीड़ित सबसे ज्यादा बच्चे भर्ती हैं। हालांकि, नियमित निगरानी और दवाइयों से ज्यादातर बच्चे तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं।


🔹 मौसम में बच्चों की देखभाल क्यों है जरूरी?

ठंड में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से संक्रमण तेजी से शरीर पर असर डालता है। गर्म कपड़ों, पौष्टिक भोजन और साफ-सफाई से बच्चों को कई बीमारियों से बचाया जा सकता है।

अस्पताल प्रशासन ने अभिभावकों से छोटी-छोटी सावधानियों का पालन करने की अपील की है।


🧒 इन बातों का रखें ध्यान (डॉक्टरों की सलाह)

  1. बच्चों को ठंडा भोजन देने से बचें।
  2. घर से बाहर निकलते समय बच्चों को गरम कपड़े पहनाएं और शरीर ढंककर रखें।
  3. बच्चों को गर्म पानी पिलाएं।
  4. बच्चों को गर्म पानी से ही स्नान कराएं।
  5. वायरल फीवर के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।

ये उपाय न केवल निमोनिया बल्कि अन्य मौसमी संक्रामक बीमारियों से भी बचाव में मदद करते हैं।