कवर्धा राज्योत्सव में बवाल: BJP कार्यकर्ता ने TI की कॉलर पकड़ी, गालियां दीं – मामला दर्ज

कवर्धा, 5 नवम्बर 2025:
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में आयोजित राज्योत्सव 2025 के दूसरे दिन एक बड़ी अराजकता और हंगामे का माहौल बन गया। मंच पर लोकगायक अनुराग शर्मा की प्रस्तुति चल रही थी, तभी भाजपा कार्यकर्ता और पुलिस कर्मियों के बीच भिड़ंत हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि कार्यकर्ता ने ड्यूटी में तैनात थाना प्रभारी (TI) की कॉलर पकड़ ली और उन्हें गालियां देते हुए धमकी तक दे डाली।

दर्शकों की भीड़ में मौजूद लोगों ने जब इस झगड़े का वीडियो बनाया, तो वह देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।


📍 यह है पूरा मामला:

जानकारी के अनुसार, कवर्धा में 2 से 4 नवम्बर तक राज्योत्सव का आयोजन किया गया था। दूसरे दिन मंच पर छत्तीसगढ़ के मशहूर लोकगायक अनुराग शर्मा अपनी प्रस्तुति दे रहे थे।
दर्शक दीर्घा में बैठे भाजपा कार्यकर्ता राकेश साहू बार-बार खड़े होकर वीडियो बना रहे थे, जिससे पीछे बैठे दर्शकों ने आपत्ति जताई। पुलिस कर्मियों ने उन्हें वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश की, लेकिन राकेश साहू आक्रोशित हो गए।

मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राकेश साहू ने न केवल अश्लील गालियां दीं, बल्कि थाना प्रभारी योगेश कश्यप की कॉलर पकड़कर झूमा-झटकी भी की। इस दौरान उनकी नेम प्लेट और बटन टूटकर गिर गए।

विवाद बढ़ता देख नगरपालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी और कुछ अन्य भाजपा नेता मौके पर पहुंचे और किसी तरह स्थिति को शांत कराया।


⚖️ TI ने खुद दर्ज कराई रिपोर्ट

इस घटना के बाद जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया। घटना का वीडियो सामने आते ही विपक्ष ने भाजपा पर सोशल मीडिया में जमकर निशाना साधा।
दूसरी ओर, थाना प्रभारी योगेश कश्यप ने अपने ही थाने में शासकीय कार्य में बाधा, गाली-गलौच और धमकी देने के आरोप में आरोपी राकेश साहू के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया।

हालांकि खबर लिखे जाने तक राकेश साहू की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने बताया कि जल्द ही आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी।


💬 स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

राज्योत्सव जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम में इस तरह की घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों में राजनीति और अनुशासनहीनता का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

एक दर्शक ने कहा, “राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की संस्कृति का प्रतीक है, यहां किसी को भी अपनी दबंगई दिखाने का अधिकार नहीं।”