नई दिल्ली, 5 नवंबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की 121 सीटों पर मंगलवार शाम 6 बजे प्रचार थम गया।
एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों ने अंतिम समय तक पूरी ताकत झोंक दी।
तीन दिन से चल रहे हाई-वोल्टेज चुनावी अभियान का मंगलवार को आख़िरी पड़ाव था, जिसमें शीर्ष नेताओं ने अपने-अपने पक्ष में वोट मांगने के लिए आखिरी कोशिश की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन जनसभाएँ कीं, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाँच जनसभाओं को संबोधित किया।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रोड शो और रैली निकाली, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्ष की ओर से तीन सभाएँ कीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की महिला कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद किया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगातार बैठकों के ज़रिए एनडीए का जनसमर्थन मज़बूत करने की कोशिश की।
उधर तेजस्वी यादव ने पूरे राज्य में कई रैलियाँ कर विपक्षी मतदाताओं में ऊर्जा भरने की अपील की।
अंतिम दिन के प्रमुख प्रचारकों में योगी आदित्यनाथ, हिमंता बिस्वा सरमा, स्मृति ईरानी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल रहीं।
नीतीश कुमार की भावनात्मक अपील
चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक वीडियो संदेश जारी कर बिहार के मतदाताओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने 2005 से अब तक जनता द्वारा दिए गए समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा,
“आप सबके सहयोग से बिहार बदला है। हमने कभी अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया, सिर्फ राज्य के विकास के लिए काम किया।”
नीतीश ने इस दौरान लालू यादव परिवार पर तंज कसा, यह कहते हुए कि “हमने परिवारवाद की राजनीति नहीं की, जनता ही हमारा परिवार है।”
मोकामा हत्या से गरमाई सियासत
चुनावी प्रचार के बीच मोकामा में जन सुराज के वरिष्ठ कार्यकर्ता 76 वर्षीय दुलारचंद यादव की हत्या ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया।
स्थानीय कार्यक्रम के दौरान हुई गोलीबारी में यादव की मौत के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
चुनाव आयोग ने राज्य के डीजीपी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों एक-दूसरे पर हिंसा के जरिए चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगा रहे हैं।
जन सुराज और विपक्षी दलों ने इस घटना को “लोकतांत्रिक माहौल पर हमला” बताया है।
मतदान 6 नवंबर को, निगाहें पहले चरण पर
पहले चरण में होने वाले मतदान को लेकर सभी दलों की निगाहें अब मतदाताओं के मूड पर टिकी हैं।
इस चरण के नतीजे बिहार की सियासी दिशा तय कर सकते हैं।
राज्य में तीन चरणों में चुनाव होंगे, जिनके परिणाम 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।
