दिल्ली में प्रदूषण डेटा घोटाले का आरोप: आम आदमी पार्टी ने लगाया MCD पर AQI रीडिंग घटाने का आरोप

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो साझा करते हुए बड़ा आरोप लगाया है कि दिल्ली नगर निगम (MCD) प्रदूषण के आंकड़ों में हेराफेरी कर रहा है।

उन्होंने दावा किया कि आनंद विहार वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशन के आसपास लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि Air Quality Index (AQI) की रीडिंग कृत्रिम रूप से घटाई जा सके।

भारद्वाज ने एक्स (X) पर लिखा – “भाजपा सरकार प्रदूषण डेटा फ्रॉड कर रही है। दिन-रात पानी का छिड़काव करके प्रदूषण के आंकड़े घटाए जा रहे हैं। जो लोग कहते हैं कि EVM में कोई गड़बड़ी नहीं होती, वे हर चीज में बेईमानी करते हैं।”

AAP नेता का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद ‘Delhi pollution data manipulation’ को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई।


🧩 सरकारी पक्ष और विवाद की सच्चाई

हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि पानी का छिड़काव पूरे शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किया जाता है, न कि सिर्फ आनंद विहार स्टेशन के पास।

विशेषज्ञों के अनुसार, पानी छिड़कने से धूल के कणों का प्रसार कुछ समय के लिए रुक सकता है, लेकिन यदि यह केवल मॉनिटरिंग स्टेशन के पास किया जाए, तो PM10 स्तर अस्थायी रूप से कम हो सकता है और AQI रीडिंग पर असर डाल सकता है।


🌫️ दिल्ली की हवा फिर हुई ‘बहुत खराब’

दिल्ली के आनंद विहार क्षेत्र की पहचान लंबे समय से प्रदूषण हॉटस्पॉट के रूप में रही है। यहां रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल, औद्योगिक इलाकों और जर्जर सड़कों की वजह से प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा रहता है।

शनिवार रात 9 बजे आनंद विहार का AQI 431 दर्ज किया गया, जो “गंभीर (Severe)” श्रेणी में आता है। जबकि बाकी जगहों पर हवा “बहुत खराब” या “खराब” श्रेणी में दर्ज की गई।

सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि शहर में 376 एंटी-स्मॉग गन, 266 वाटर स्प्रिंकलर और 91 रोड-स्वीपिंग मशीनें लगाई गई हैं। साथ ही, 311 अवैध डंपिंग साइट्स की जांच कर 173 मामलों में कार्रवाई की गई है।


🌍 दिल्ली की हवा और राजनीति दोनों में घुला धुआं

यह पूरा विवाद अब केवल प्रदूषण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है।
AAP का कहना है कि आंकड़ों से खेलकर सरकार जनता को भ्रमित कर रही है, जबकि सरकार का दावा है कि वह हरसंभव कदम उठा रही है ताकि Delhi pollution data manipulation जैसी बातें निराधार साबित हों।