छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान, CEO यशवंत कुमार ने राजनीतिक दलों संग साझा की रूपरेखा

रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ सहित देश के 12 राज्यों में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) यशवंत कुमार ने राज्य के सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर विस्तृत कार्यक्रम साझा किया।

बैठक रायपुर स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में आयोजित हुई, जिसमें BJP, कांग्रेस, BSP, AAP, CPI(M) और NPP सहित सभी प्रमुख दलों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य राजनीतिक दलों को पुनरीक्षण प्रक्रिया की जानकारी देना और सहयोग सुनिश्चित करना था।


🗳️ मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया

सीईओ कार्यालय ने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर लगभग 1,000 मतदाता पंजीकृत हैं और प्रत्येक केंद्र के लिए एक बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) नियुक्त किया गया है।
मतदाता सूची तैयार करने, दावे-आपत्तियों के निपटारे और अंतिम सूची के प्रकाशन की जिम्मेदारी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक अधिकारी (AERO) की होगी।

BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे, नए मतदाताओं से फॉर्म 6 एकत्र करेंगे और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान करेंगे। वहीं, ईआरओ/एईआरओ सुनिश्चित करेंगे कि कोई पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।


🧾 SIR कार्यक्रम की प्रमुख तिथियाँ

चरणअवधि
प्रशिक्षण कार्य28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025
घर-घर सत्यापन4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025
मसौदा सूची प्रकाशन9 दिसंबर 2025
दावे-आपत्तियाँ9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026
सुनवाई व सत्यापन9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026
अंतिम मतदाता सूची7 फरवरी 2026

🗣️ राजनीतिक दलों की भूमिका

सीईओ यशवंत कुमार ने सभी दलों से आग्रह किया कि वे अपने बूथ स्तरीय एजेंट (BLA) नियुक्त करें ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया में सहयोग मिल सके। बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 50 ई-फॉर्म प्रमाणित कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सहभागी बनेगी।


🌐 पारदर्शी और भरोसेमंद मतदाता सूची की दिशा में कदम

सीईओ ने कहा कि यह अभियान लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा,

“हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची पूरी तरह सटीक और त्रुटिरहित बने। सभी राजनीतिक दलों और बीएलओ के सहयोग से यह कार्य सफल होगा।”

राज्य भर में इस अभियान के शुरू होते ही Chhattisgarh Voter List Revision 2025 को लेकर मतदाताओं में जागरूकता और उत्साह का माहौल है। प्रशासन और दलों के संयुक्त प्रयास से यह प्रक्रिया पारदर्शी और विश्वसनीय बन सकेगी।