दुर्ग में ऑनलाइन ठगी का नया तरीका: APK फाइल से मैनेजर के मोबाइल को हैक कर उड़ाए डेढ़ लाख रुपये

Durg Online Fraud।
दुर्ग जिले से एक ऑनलाइन ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने साइबर अपराध के नए रूप को उजागर कर दिया है। यहां साइबर ठगों ने एक प्राइवेट कंपनी के मैनेजर का मोबाइल फोन हैक करके उनके क्रेडिट कार्ड से 1.5 लाख रुपये की ठगी कर ली।

🔹 APK फाइल बनी ठगी का हथियार

जानकारी के मुताबिक, बालाजी नगर निवासी राजकुमार चौहान, जो एक निजी कंपनी में मैनेजर हैं, को अज्ञात नंबर से एक APK फाइल लिंक भेजा गया। राजकुमार ने बिना सोचे-समझे जैसे ही वह फाइल डाउनलोड की, उनका मोबाइल पूरी तरह हैक हो गया
कुछ ही मिनटों में उनके क्रेडिट कार्ड से 1.5 लाख रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली गई।

राजकुमार चौहान ने बताया —

“जैसे ही बैंक से ट्रांजेक्शन का मैसेज आया, मुझे समझ आ गया कि मेरा फोन हैक हो गया है। तुरंत मैंने पुलिस से संपर्क किया।”

🔹 पुलिस ने शुरू की तकनीकी जांच

पीड़ित की शिकायत के बाद कुर्सी पार पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर लिया है। मामले की तकनीकी प्रकृति को देखते हुए, इसे साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दिया गया है।
साइबर एक्सपर्ट्स की टीम अब उस APK फाइल की जांच कर रही है, जिसके जरिए मोबाइल को हैक किया गया था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि —

“प्रारंभिक जांच में यह मामला एक नए प्रकार के मैलवेयर ठगी का लग रहा है। अपराधियों ने APK फाइल के जरिए पीड़ित का डेटा और बैंक डिटेल्स हासिल कीं।”

🔹 ऑनलाइन ठगी का बढ़ता खतरा

दुर्ग और आसपास के इलाकों में बीते कुछ महीनों में साइबर अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अज्ञात लिंक, ईमेल या APK फाइल कभी डाउनलोड न करें, क्योंकि इनसे हैकर्स को फोन और बैंक खातों तक सीधा एक्सेस मिल सकता है।

🔹 जनता के लिए चेतावनी

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात नंबर से आए लिंक या ऐप फाइल पर क्लिक न करें और ऐसी किसी घटना की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।